बेसिक शिक्षा मंत्री ने 69000 शिक्षक भर्ती मामले में कहा, सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जीरो टालरेंस की नीति पर कर रही काम
लखनऊ, 09 जून 2020: योगी सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जीरो टालरेंस की नीति पर काम कर रही है। यहां किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाता। 69000 शिक्षक भर्ती मामले में फर्जीवाड़े पर सरकार तुरंत एक्शन में आ गयी थी और 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था लेकिन कुछ लोगों इतने बड़े स्तर पर हो रही भर्ती पच नहीं रही है। वे लोग भर्ती प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। ये बातें यूपी सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री डाक्टर सतीश कुमार द्विवेदी ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि यूपी के परिषदीय स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती में हुए फर्जीवाड़े मामले में 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया । वहीं, जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है। योगी सरकार हमेशा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। कोई भी किसी पद पर क्यों न हो, यहां बख्शा नहीं जाता। यदि वह जांच के घेरे में आया तो कार्रवाई होना तय है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीति कर भर्ती प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि इतने साफ-सुथरे ढंग से हुई भर्ती उन्हें पच नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है। उन्होंने बताया कि शिक्षक भर्ती में लेनदेन शिकायत की गई थी। शिकायत पर केएल पटेल सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। भर्ती प्रक्रिया में अनारक्षित कोटे में सभी सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की भर्ती के आरोप को उन्होंने नकार दिया। कहा कि भर्ती को डिरेल करने के लिए राजनीति की जा रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों की भर्ती रोके जाने पर उन्होंने कहा कि इस मसले पर अभी सुप्रीमकोर्ट ने अभी सरकार का पक्ष नहीं सुना है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा। बेसिक शिक्षा मंत्री ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिका अनामिका शुक्ला मामले पर कहा कि प्रेरणा एप के कारण ही मामले का खुलासा हुआ। शिक्षिका को 6 विद्यालयों से 12 लाख 700 रुपये का किया गया।







