अपनी कप्तानी में एशिया कप में जीता था स्वर्ण पदक
बेंगलुरु, 22 नवंबर 2018: पूर्व हाकी खिलाड़ी संदीप माइकल का शुक्रवार को यहां किसी अनजान न्यूरोलॉजिकल बीमारी से निधन हो गया। वह 33 साल के थे। संदीप की कप्तानी में भारतीय जूनियर टीम ने 2003 में एशिया कप में स्वर्ण पदक जीता था। संदीप को 18 नवंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद वह कोमा में चले गये और फिर होश में नहीं आये।
कर्नाटक राज्य हॉकी संघ के सचिव के. कृष्णामूर्ति ने बताया कि संदीप का निधन शुक्रवार दोपहर यहां के एक निजी अस्पताल में हुआ।
माइकल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2003 में भारत को जूनियर एशिया कप का खिताब दिलवाना था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने पाकिस्तान और कोरिया जैसी टीमों के खिलाफ अहम मैचों में गोल दागे थे। उन्हें टूर्नामेंट का सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी के खिताब से नवाजा गया था। उसके पास मैदान के किसी भी हिस्से से गोल करने की क्षमता थी। इस कौशल ने उसे कोचों का चहेता खिलाड़ी बनाया।
उनके पिता जान माइकल राज्य स्तरीय वॉलीबाल खिलाड़ी थे और उनकी मां ट्रैक एवं फील्ड एथलीट के साथ-साथ राज्य स्तरीय खो-खो खिलाड़ी थी। माइकल के भाई विनीत ने भी 2002 में सब जूनियर हाकी में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने सीनियर टीम के साथ 2003 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। इस टूर्नामेंट में उन्हें धनराज पिल्लै की जगह स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतारा गया और उन्होंने दो गोल भी दागे।
माइकल का अंतिम संस्कार शनिवार को सिंगापुरा गिरिजाघर के कब्रिस्तान में होगा।







