Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, October 10
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    कौन प्रिय, कौन अप्रिय?

    By July 10, 2018 Featured No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 707

    ‘यह आपके कर्म हैं कि आपको किसी की तकलीफ का साक्षी बनना पड़ रहा है’

    दोस्तो…! अगर आपको लगता है कि आपके परिवार में खराबी है, तो हो सकता है कि वे ऐसे हो गए हों, मगर जरूरी नहीं है कि वे आगे भी ऐसे ही रहें। चंद्रमा की तरह उनकी भी अलग-अलग अवस्थाएं होती हैं, वे भी अलग-अलग दशाओं से गुजरते हैं। उनके प्रिय-अप्रिय चेहरे होते हैं।

    आपके जीवन में जो कुछ होता है, उन सबकी जिम्मेदारी आपकी है। बुरे दौर से गुजर रहे किसी इंसान के बारे में कोई राय कायम करना और यह सोचना कि यह उसके कर्मो का फल है, बिल्कुल गलत है। इससे आप अपनी बुनियादी इंसानियत खो देंगे।

    किसी और के कर्मो से आपका कोई मतलब नहीं है। यह आपके कर्म हैं कि आपको किसी की तकलीफ का साक्षी बनना पड़ रहा है। कर्म सिर्फ आपसे जुड़े हैं, आप जैसे ही किसी और के कर्म की चिंता करने लगते हैं, आप एक बुरी शक्ति बन जाते हैं। बुरा का मतलब सिर्फ बुरा इरादा नहीं है। बुरा का मतलब है कि चाहे आप कुछ भी करें, उसका आपके आस-पास मौजूद लोगों के लिए नकारात्मक नतीजा ही निकलेगा। जैसे ही आप किसी और के कर्म के बारे में सोचने लगते हैं, आप उसी दिशा में आगे बढ़ने लगते हैं।

    आध्यात्मिकता में हम इसी चीज को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। आपको समझना चाहिए कि जो कुछ भी होता है, उसका संबंध सिर्फ आपसे है। चाहे आपके आस-पास के लोगों से आपको दुख मिल रहा हो या खुशी, इसकी वजह सिर्फ आपके कर्म हैं।

    इसलिए अपने परिवार की तरफ से जमा होने वाले कर्म की चिंता मत कीजिए, ऐसा कुछ भी नहीं है। ‘‘परिवार’ सिर्फ आपके मन की उपज है। कौन आपके परिवार का हिस्सा है और कौन नहीं, कौन आपको प्रिय है, कौन नहीं, यह सब सिर्फ आपके मन में पैदा होता है। अगर आपके पास यह मन नहीं होता, तो आपके पास परिवार जैसी कोई चीज ही नहीं होती।

    इसका मतलब है कि वे सब आपके ही कर्म से जुड़े हैं। जब आप यह बात जान लेते हैं कि आपके जीवन में जो कुछ घटित होता है, उसकी वजह आप हैं, तब आप एक संयुक्त व्यक्ति बन जाते हैं। वरना आप अस्त-व्यस्त और बिखरे हुए रहते हैं। आमतौर लोग इतने बिखरे हुए होते हैं और अपने आस-पास की इतनी सारी चीजों से उनकी पहचान जुड़ी होती है, कि उन्हें एक जीव के रूप में एकत्रित होने में लंबा समय लग जाता है। एक बार जब ऐसा हो जाए, तो आप जो चाहते हैं, वह पल भर में आपका होगा।

    -बीड़ी फुलारा

    Keep Reading

    जब एकादशी का पुण्य जुड़ता है पितरों के कल्याण से: 6 अक्टूबर को इन्दिरा एकादशी

    Anant Chaturdashi is on September 25; Lord Vishnu's 'Anant' (infinite) form will be worshipped.

    अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को, भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की होगी पूजा

    वामन द्वादशी आज: भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा, पूजा-विधि और महत्त्व

    The supreme Parivartini Ekadashi, which bestows merit, heaven, and liberation, and destroys sins.

    पुण्य, स्वर्ग और मोक्ष को देने वाली व पापों का नाश करने वाली उत्तम परिवर्तिनी एकादशी

    The Mystery of Lord Shiva's Rudra Form: When Peace Becomes a Support for Unrighteousness

    भगवान शिव के रूद्र रूप का रहस्य: जब शांति अधर्म का सहारा बने

    हनुमान मंदिर से लौटते समय रास्ता क्यों बदलते हैं लोग?

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Eight BJP Rajya Sabha candidates filed their nominations.

    भाजपा के आठ राज्यसभा प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

    October 6, 2026
    Education requires not just academics but also life skills: Sharman Joshi

    शिक्षा में सिर्फ पढ़ाई नहीं, जीवन कौशल भी जरूरी: शरमन जोशी

    October 6, 2026
    5,000 youths in UP to receive AI training; Samsung Innovation Campus 2026 launched.

    यूपी के 5 हजार युवाओं को मिलेगा AI प्रशिक्षण, सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026 शुरू

    October 6, 2026
    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    October 5, 2026
    Teachers' 11-point demands resonated at the TFI conference; calls made for the old pension scheme and relief regarding the TET.

    टीएफआई सम्मेलन में शिक्षकों की 11 सूत्रीय मांगें गूंज उठीं, पुरानी पेंशन और टीईटी से राहत की मांग

    October 5, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading