लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा सन्स चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की हालिया बैठक में उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के निवेश व विस्तार पर महत्वपूर्ण सहमति बनी। टाटा ने लखनऊ में ‘एआई सिटी’ विकसित करने, गोरखपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और आईआईटी कानपुर के साथ 48 करोड़ रुपये के निवेश से पूर्वांचल के युवाओं को एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, ड्रोन व स्पेस टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव रखा। टीसीएस की लखनऊ-नोएडा यूनिट में वर्कफोर्स 16,000 से बढ़ाकर 30,000 करने की योजना बनी।

टाटा समूह ने यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में निवेश बढ़ाने, झांसी नोड में ड्रोन-मिसाइल उत्पादन विस्तार और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग (मोबाइल कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रिक बसें) में इंटेल के साथ साझेदारी की इच्छा जताई। अयोध्या में ‘म्यूजियम ऑफ टेम्पल आर्किटेक्चर’ को जनवरी 2027 तक पूरा करने, मथुरा-वृंदावन के 8 कुंडों के जीर्णोद्धार और गंगा घाटों की सफाई का कार्य भी टाटा करेगा।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘योगी की पाती’ में दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता को भारतीय संस्कृति व उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने अयोध्या दीपोत्सव की वैश्विक पहचान, राम मंदिर निर्माण और काशी-मथुरा से गोरखपुर-वाराणसी तक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का जिक्र करते हुए प्रयागराज माघ मेले में शामिल होने की अपील की। ये कदम यूपी को निवेश हब, टेक व सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।






