उपभोक्ता परिषद ने रखी प्रमुख मांगे : कहा सरकार उत्तर प्रदेश में रोस्टर समाप्त कर सभी को 24 घंटे बिजली, किसानों को पूर्व में नए कनेक्शन पर मिले 68000 की सब्सिडी को पुन हो बहाल
लखनऊ 15 फरवरी : उत्तर प्रदेश सरकार 20 फरवरी को वर्ष 2025- 26 का बजट पेश करने जा रही है अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार बजट लगभग 8 लाख करोड़ के आसपास होगा ऐसे में उपभोक्ता परिषद ने प्लेटफार्म ऑनलाइन वेबीनार के माध्यम से प्रदेश के उपभोक्ताओं की बजट पर अपेक्षाएं रखी। वेबीनार के माध्यम से प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं ने एक मत से उत्तर प्रदेश सरकार से अपेक्षा की कि इस बजट में उत्तर प्रदेश सरकार यह घोषणा करें कि बिना निजीकरण के बिजली क्षेत्र को सरकारी क्षेत्र में ही सुधार हेतु आगे बढ़ाया जाएगा।
साथ ही प्रदेश के किसानों ने यह भी मांग उठाई कि सरकार किसानों को फ्री बिजली के लिए जो शर्तें लगा रखी है उसे समाप्त करें बिना शर्त प्रदेश के लगभग 15 लाख किसानों को फ्री बिजली का लाभ दिलाया जाए वितरण क्षेत्र में इंफो को मजबूत करने के लिए सरकार को अपने स्तर से सहायता करना चाहिए और साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में भी प्रयास करें कि वर्तमान में सभी विभागों में लगभग 30 से 35 प्रतिशत कार्मिक संविदा पर काम कर रहे हैं ऐसे में संविदा कार्मिकों के मिनिमम वेजेज को उत्तर प्रदेश सरकार को बढ़ाकर इस काबिल बनना चाहिए कि जिससे वह अपने परिवार की जीविका को आसानी से चला ले वर्तमान में ऊर्जा सेक्टर में संविदा कार्मिकों की संख्या 50प्रतिसत से ऊपर है उनके मिनिमम वेजेस में बढ़ोतरी के लिए भी उत्तर प्रदेश सरकार को अपने बजट में प्रावधान करना चाहिए । सभी संविदा कर्मी को को समान काम समान वेतन का अधिकार।
इस मसले पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा पूरे भारत देश का प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत देखा जाए तो वह लगभग राष्ट्रीय स्तर पर 1255 है लेकिन उत्तर प्रदेश का 629 के आसपास है ऐसे में भारत सरकार के कंस्यूमर राइट रूल 2020 की धारा 10 के तहत सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का ऐलान भी बजट में किया जाना चाहिए उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र राज्य ऐसा है जहां आज भी रोस्टर व्यवस्था लागू है इसे अब समाप्त करने का समय आ गया है।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कल लगभग 3 करोड़ 45 लाख विद्युत उपभोक्ता है जिसमें 1 करोड़ 75 लाख विद्युत उपभोक्ता गरीबी रेखा में आते हैं बीपीएल श्रेणी में ऐसे में सौभाग्य में जिन गरीब विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली का कनेक्शन भारत सरकार की स्कीम के तहत दिया गया उनकी बिजली दरों में कमी के लिए भी इस बजट में प्रावधान किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपभोक्ताओं की यह भी आम राय प्रदेश सरकार से है कि इस बजट में पहले जो किसानों के नए कनेक्शन निजी नलकूप के लिए रुपया 68000 की सब्सिडी मिलती थी उसे कई वर्षों से बंद कर दिया गया है उसे योजना को भी चालू किया जाए और किसानों को नए कनेक्शन पर 68000 की सब्सिडी का लाभपुनः दिलाया जाए।







