डॉ दिलीप अग्निहोत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की काशी यात्रा संक्षिप्त थी, लेकिन इसकी प्रतिध्वनि व्यापक थी। इसमें केवल काशी या पूर्वांचल ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर पर चल रही विकास यात्रा का स्वरूप दिखाई दिया। मोदी ने यहां दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल, बड़ालालपुर में काशी एक रूप अनेक एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम को सम्बोधित किया। कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों को देश विदेश और दुनिया के आनलाइन बाजार में पहुंचाने से देश को लाभ मिलेगा। बुनकर हस्तशिल्पियों को जो मशीनें, ऋण देने की करने सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रत्येक उत्पाद की स्थानीय विशेषता होती है।
ओडीओपी से परमरागत उद्योग को नया रूप मिल रहा है। नब्बे हजार लघु उद्योगों को इस योजना से नया जीवन मिला है। स्टार्ट अप इंडिया, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना, आयुष्मान भारत योजना, जीवन दुर्घटना बीमा योजना आदि योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है।

अंत्योदय की भावना के अनुरूप वंचितों को मकान,राशन, निःशुल्क बिजली कनेक्शन, स्वच्छ शौचालय आदि बुनियादी सुविधाओं से आच्छादित किया गया है। मोदी ने ठीक कहा सनातन परम्परा में धर्म, कर्तव्य का पर्याय है। इसीलिए वीरशैव ने धर्म की शिक्षा कर्तव्यों के साथ दी। पांच आचरण की चर्चा की गई। राष्ट्र निर्माण में मठ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दूसरों की सेवा के लिए करुणा भाव से आगे बढ़ना है।
भारत में बने उत्पादों को बढ़ावा देते हुए बुनकरों शिल्पियों को लाभांवित किया जा रहा है। जाहिर है की मोदी की काशी यात्रा में ओडीओपी के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार को भी रेखंकित किया गया। भविष्य में इस योजना का देश को लाभ मिलेगा। बड़ी संख्या में स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी।







