स्टॉर्मी डैनियल्स का रोल आज भी वायरल
मुंबई : क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक डेंटिस्ट रूट कैनाल करते हुए बॉलीवुड गाने गाता हो और फिर उसी हाथ से हॉलीवुड को हिला देने वाली राजनीतिक सटायर लिखे? पैरम गिल की ‘बैड प्रेसिडेंट’ जैसी फिल्म ने ठीक यही कर दिखाया है। 2020 में बिना किसी बड़े बजट या प्रमोशन के रिलीज हुई यह इंडिपेंडेंट कॉमेडी, जहां डोनाल्ड ट्रंप शैतान से डील करके राष्ट्रपति बनता है, आज 2025 में ट्रंप की दूसरी जीत के बाद फिर से वैश्विक हिट बन गई है। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर व्यूज में 300% की उछाल के साथ, यह फिल्म अब ‘भविष्यवाणी वाली सटायर’ के नाम से ट्रेंड कर रही है।
शैतान का ‘ट्रंप प्रोजेक्ट’: असली घटनाओं पर बनी स्क्रिप्ट जो आज सच्ची लग रही
फिल्म की प्लॉट लाइन सुनकर लगेगा जैसे कोई फैंटसी, लेकिन यह 2016 के ट्रंप कैंपेन की असली खबरों पर आधारित है। एडी ग्रिफिन शैतान का रोल निभाते हैं, जो ट्रंप (जेफ रेक्टर) को व्हाइट हाउस की कुर्सी दिलाने के लिए ब्लैकमेल करता है लीक स्कैंडल्स, गैफ्स और वादों का जाल बुनता हुआ। ट्रेलर में स्टॉर्मी डैनियल्स खुद का रोल प्ले करती नजर आती हैं, जो फिल्म को और तीखा बनाती है। पैरम गिल, जो राइटर-डायरेक्टर-प्रोड्यूसर तीनों हैं, कहते हैं, “यह SNL जैसी कॉमेडी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि कैसे एक ‘बैड रोल मॉडल’ पूरी दुनिया को गुमराह कर सकता है।” रिलीज के समय IMDb पर 3.5/10 रेटिंग वाली यह फिल्म अब रॉटन टोमेटोज पर ‘कैथार्टिक लाफ्टर’ के लिए सराही जा रही है।

गुमनामी से वायरल हिट तक: ट्रंप की रिटर्न ने दी दूसरी जिंदगी
2020 में चुनाव के ठीक पहले VOD पर रिलीज हुई ‘बैड प्रेसिडेंट’ को शुरू में ज्यादा ध्यान नहीं मिला। लेकिन नवंबर 2024 में ट्रंप की दूसरी जीत के बाद, सोशल मीडिया पर यह ‘प्रेडिक्टिव सटायर’ बन गई। टिकटॉक और एक्स पर क्लिप्स वायरल हो रही हैं, जहां यूजर्स लिख रहे हैं, “पैरम ने 4 साल पहले ही स्क्रिप्ट लिख ली थी!” बिना किसी री-रिलीज कैंपेन के, अमेजन प्राइम और एप्पल टीवी पर इसके व्यूज आसमान छू रहे हैं। एक हालिया पोल में 60% दर्शकों ने कहा कि फिल्म ने उन्हें राजनीति पर फिर सोचने को मजबूर किया। हॉलीवुड क्रिटिक्स, जो पहले इसे ‘लो-बजट SNL स्किट’ कह रहे थे, अब इसे ‘इंडी सिनेमा का साहसिक कदम’ बता रहे हैं।
पैरम गिल का अनोखा सफर: डेंटल चेयर से डायरेक्टर चेयर तक
पैरम गिल का बैकग्राउंड फिल्म से ज्यादा दिलचस्प है। कनाडा में बसे यह इंडो-कैनेडियन डेंटिस्ट अपने क्लिनिक में पेशेंट्स को दर्द भुलाने के लिए ‘कभी खुशी कभी गम’ के गाने गाते हैं। लेकिन उनका जुनून हमेशा से स्टोरीटेलिंग का था। “डेंटिस्ट्री ने मुझे सिखाया कि दर्द को हंसकर झेलना पड़ता है, और यही फॉर्मूला मैंने फिल्म में यूज किया,” गिल हंसते हुए बताते हैं। उनकी पिछली शॉर्ट फिल्म्स ने लोकल फेस्टिवल्स में तारीफ बटोरी, लेकिन ‘बैड प्रेसिडेंट’ ने उन्हें ग्लोबल मैप पर ला दिया। अब वे ‘बैड प्रेसिडेंट 2’ पर काम शुरू कर चुके हैं, जिसमें और गहरा व्यंग्य होगा – शायद AI और फेक न्यूज पर।
क्यों है यह दशक की सबसे बोल्ड इंडी फिल्म?
जब बड़े स्टूडियो जैसे नेटफ्लिक्स राजनीति पर सॉफ्ट कंटेंट बनाते हैं, पैरम जैसा इंडिपेंडेंट क्रिएटर साहस दिखा रहा है। फिल्म न सिर्फ हंसाती है, बल्कि सवाल उठाती है: क्या सत्ता का खेल शैतानी सौदों से चलता है? अगर आप सटायर के शौकीन हैं, तो यह मिस न करें। क्या पता, अगली बार पैरम बॉलीवुड में कोई ‘बैड प्राइम मिनिस्टर’ बना दें!







