लखनऊ 18 जनवरी 2022: पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज जी के आकस्मिक निधन से नृत्य -संगीत जगत मे शोक व्याप्त हो गया । देश विदेश सभी जगह से लोग अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे है । लखनऊ जहा से कथक की परम्परागत पीढी को आगे बढ़ाते हुए कथक का परचम विदेशो मे लहराया ऐसी पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज जी की गुईन रोड स्थित ड्योढी पर कथक नृत्यमहाराज को शिष्य शिष्याओ के द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गये ।
महाराज जी की बहन मुन्नी देवी ने कहा की भाई का जाना दुखद है नृत्य का नुकसान है ।
लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा की कथक को जिस उचाईयो पर पहुंचाया यह दृढ़संकल्प उन्ही के द्वारा साध्य था।
प्रो0 दीक्षित भातखणडे ने कहा की ड्योढी पर उनके साथ बहुत समय बिताया यकीन करना मुश्किल लग रहा कथक गुरू सुरभि सिंह ने मुझसे वादा किया था की लखनऊ मे ड्योढी के साथ-साथ कथक सिखाने की परम्परा को और बढ़ाना है, अब सब ठहर गया है।
प्रो रूचि खरे ने कहा की गुरू जी से बहुत कुछ सीखा है और सीखना था लेकिन ठहर गया सब।
ईशा मिशा ने कहा की अभी तीन हफ्ते पहले ही दिल्ली घर पर मिले थे तो खूब गले लगाकर प्यार और दुलार किया ।हमारा नृत्य भी देखा। बसंत पंचमी अपने जन्मदिन पर एक अच्छा नृत्य करने को कहा ।अब उनके साथ के बिना करना कैसे होगा।
अर्चना तिवारी ,डाक्टर रश्मि चतुर्वेदी, अंकीता मिश्रा, एकता मिश्रा, विकास मिश्रा, मंजू मलकानी, अलपिका संस्था जो लखनऊ मे महाराज जी के कार्यक्रम कराती रही उसकी डायरेक्टर उमा त्रिगुणानायक, अध्यक्ष रेनू शर्मा सहित अनेको शिष्य ही नही जन सामान्य नागरिक भी श्रद्धा सुमन अर्पित करने के उपस्थित रहे ।







