नुक्कड़ नाटक व जन गीतों की प्रभावी प्रस्तुतियां, इतिहासकार रवि भट्ट ने दिखाई हरी झंडी, काकोरी के अमर शहीदों को याद करते हुए 37वीं वार्षिक साइकिल यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न
लखनऊ : काकोरी ट्रेन एक्शन के वीर शहीदों की स्मृति में उत्तर प्रदेश क्रांतिकारी परिषद द्वारा आयोजित 37वीं साइकिल यात्रा आज श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ पूरी हुई। यह यात्रा नेताजी सुभाष चौक (हनुमान सेतु के पास) से शुरू होकर काकोरी शहीद स्मारक पर समाप्त हुई, जहां सैकड़ों प्रतिभागियों ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।
प्रख्यात इतिहासकार रवि भट्ट ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। परिषद के प्रमुख एवं प्रसिद्ध नाट्यकर्मी अनिल मिश्र ‘गुरुजी’ और सचिव तथा वरिष्ठ पत्रकार अशोक सिंह ने उन्हें अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
अनिल मिश्र ‘गुरुजी’ ने कहा, “काकोरी कांड की शताब्दी वर्ष में हम इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी बने हैं। यह घटना ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती देने वाली थी और आज भी युवाओं को संगठित होकर राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देती है।”

इतिहासकार रवि भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन ने क्रांतिकारी आंदोलन को जन-आंदोलन का रूप दिया और साम्राज्यवाद के खिलाफ संगठित संघर्ष की मिसाल कायम की।
यात्रा मार्ग में कैसरबाग, खुनखुनजी चौराहा, चौक, बालागंज, ठाकुरगंज और दुबग्गा जैसे स्थानों पर नुक्कड़ नाटक और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां हुईं। अमुक आर्टिस्ट ग्रुप के कलाकारों ने ‘हम क्रांति करेंगे’ नाटक की प्रभावशाली मंचन किया, जिसका निर्देशन संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त अनिल मिश्र ‘गुरुजी’ ने किया। कलाकारों रामचरन, अनामिका सिंह, पूनम विश्वकर्मा, शशांक पांडे, दानिश अली और राहुल प्रताप सिंह के अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत प्रेम गौड़ और संतोष शर्मा ने संभाला।
स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। पत्रकार राकेश राय, अशोक सिंह, रंगकर्मी सोनल ठाकुर, राजवीर रतन समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने विभिन्न पड़ावों पर शहीदों के बलिदान पर प्रकाश डाला।
काकोरी शहीद स्मारक पर पहुंचकर यात्रा एक भावुक सभा में बदल गई। यहां गीत, कविता पाठ और संबोधनों से वातावरण देशभक्ति से भर गया। कार्यक्रम में केके शुक्ल, सोनल ठाकुर, राजेंद्र सोनकर, अर्चना जैन, रीता सिंह, राकेश वर्मा, शायर अरविंद असर, कंवलजीत, अभय शुक्ल, नागपाल, शिवकुमार यादव, कृष्णानंद राय, राजवीर रतन, राजा भाई, अभिषेक, अभिनीत, श्रीपाल गौड़, विकास गुप्ता सहित अनेक संस्कृतिकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह यात्रा न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि थी, बल्कि युवा पीढ़ी को उनके सपनों के भारत निर्माण का संकल्प दिलाने वाली भी साबित हुई।







