मोदी की अपील का वैज्ञानिक आधार

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देश के प्रतिष्ठित चिकित्सक पदमश्री डॉ. के के अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को मेडिकल साइंस के नजरिये से देखते हुए लोगों से पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट तक दीप जलाने की अपील की है। डॉ. अग्रवाल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके है। उनका कहना है कि सामूहिक भावना बीमारी से मुकाबले का बल प्रदान करती है।

उन्होंने कहा, हमारे ऋषियों ने भी समाज की सामूहिक संकल्पना का महत्व समझाया है। डॉ. अग्रवाल ने चिकित्सक के रूप में सभी से प्रधानमंत्री की अपील पर अमल का आह्वान किया है। उनके यह पद्यति योगा वशिष्टा के अध्याय छह पर आधारित है। उसके अनुसार जैसा पांच प्रतिशत लोग सोचते हैं वैसा ही पंचानबे प्रतिशत लोग करते हैं। हम साबकी मनोवृति पर कोरोना वायरस अपना असर ना करे इसके लिए बेहद जरूरी है कि हम सब मिलकर मोदी जी अपील को पूरा करें। डॉ. अग्रवाल के अनुसार संयुक्त रूप से प्रकाश प्रज्ववलित करने का सकारात्मक प्रभाव होगा।

अटल जी की कविता का सन्देश

नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध कविता को ट्वीट किया है। इसमें मिलकर दिया जलाने का सन्देश है। इसमें दो तथ्य आज की परिस्थियों में महत्वपूर्ण है। पहला यह कि दिया अंधकार को दूर करने का प्रतीक है। दूसरा यह कि इसमें सम्मलित प्रयास का सन्देश है। आज कोरोना प्रकोप है। कुछ लोग अज्ञान के अंधकार में है। जबकि इसके मुकाबले के लिए सबको एकजुटता का सन्देश देना है। 5 अप्रैल को रात्रि 9 बजे रोशनी के माध्यम से यह सन्देश प्रसारित होगा।

प्रकाश से एकरूपता का प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय एकता के बल पर कोरोना को परास्त करने का मंसूबा रखते है। इस एकता के प्रदर्शन के लिए ही उन्होंने रविवार को सभी से अपने द्वार पर प्रकाश का आह्वान किया है। वस्तुतः यह राष्ट्रीय एकता का अभूतपूर्व प्रदर्शन होगा। इसके अलावा मोदी ने लॉक डाउन के पालन का भी आह्वान किया है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई अकेले नहीं की जा सकती। इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता प्रयास अपरिहार्य है।

मोदी ने कहा कि इस रविवार पांच अप्रैल को रात नौ बजे घर की सभी लाइटें बंद करके नौ मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं। हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है। उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। इसके माध्यम से एक सौ तीस करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है। नरेंद्र मोदी ने ठीक कहा कि लॉकडाउन में भी हम में से कोई अकेला नहीं है। देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है। जनता जनार्दन का वाक्य प्रसिद्ध है। यह सामूहिकता ईश्वर का ही रूप होती है। कोरोना के विरुद्ध ऐसी ही शक्ति की आवश्यकता है। जनता रूपी महाशक्ति कोरोना को परास्त करने में सफल होगी।

  • डॉ दिलीप अग्निहोत्री

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