राज्य ललित कला अकादमी का 60वां स्थापना दिवस: होंगे लोक संस्कृति के कार्यक्रम, लगेंगी कला प्रदर्शनियां, दिये जायेंगे पुरस्कार
लखनऊ, 05 फरवरी, 2021: राज्य ललित कला अकादमी का 60वां स्थापना दिवस समारोह 8 से 10 फरवरी तक होगा। इस अवसर पर तीन दिवसीय कला रंग महोत्सव कैसरबाग स्थित अकादमी परिसर में होगा। महोत्सव में वार्षिक कला प्रदर्शनी व अन्य प्रदर्शनियां आयोजित की जायेंगी। अकादमी अध्यक्ष सीताराम कश्यप ने बताया कि विभिन्न प्रदर्शनियों में आये उत्कृष्ट चित्रों को प्रदर्शित किया जायेगा। इसके साथ ही वर्ष भर में आयोजित विभिन्न कला प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जायेगा।

अकादमी उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र ने बताया कि कला रंग महोत्सव के तहत तीन दिनों में हर रोज लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम होंगे। कला रंग महोत्सव के संदर्भ में शुक्रवार को कैसरबाग स्थित राज्य ललित कला अकादमी भवन में प्रेसवार्ता हुई। वार्ता में अकादमी अध्यक्ष सीताराम कश्यप, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र व सचिव डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने विविध आयेाजनों की जानकारियां दी।
कला रंग महोत्सव में यह होंगे कार्यक्रम:
समारोह के पहले दिन आठ फरवरी को ‘स्वातंत्र्य वीर अर्चन’ चित्रकला शिविर और 34वीं राज्य स्तरीय वार्षिक कला प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। इस अवसर पर नवदुर्गा छवि प्रतियोगिता, भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी पर आधारित प्रदर्शनियों के पुरस्कार दिये जायेंगे। साथ ही प्रदेश की विभिन्न संस्थाओं से आमंत्रित कला प्रदर्शनियों लगाई जायेंगी।

दूसरे दिन नौ फरवरी को नारी सशक्तिकरण प्रदर्शनी, महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के विचारों पर आधारित चित्रकला-मूर्तिकला प्रतियोगिता व लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर एकता दिवस विषयक चित्रकला-मूर्तिकला प्रतियोगिता के पुरस्कारों का वितरण होगा।
तीसरे दिन समापन समारोह में अखिल भारतीय कोविड-19 कला प्रतियोगिता, लॉक डाउन में बदलता पर्यावरण विषयक प्रतियोगिता व संन्यास से औद्योगिक क्रांति की ओर विषयक अखिल भारतीय शिविर के पुरस्कार दिये जायेंगे।
यह होंगे लोक संस्कृति के आयोजन
8 फरवरी – शाम 5:30 बजे – श्रीपाल गौड़ साथियों का कठपुतली कार्यक्रम, संगीता आहूजा की नृत्य नाटिका प्रस्तुति, रंजना मिश्रा लोक गायन
9 फरवरी – शाम 5:30 बजे – एक शाम शहीदों के नाम शीर्षक काव्य समारोह। कमलेश मौर्य-लखनऊ, शिवकुमार व्यास-बाराबंकी, संजय सांवरा-बाराबंकी, पद्मकांत शर्मा–सीतापुर, रेनू द्विवेदी-लखनऊ, प्रख्यात मिश्र–लखनऊ, प्रियंका शुक्ला-उन्नाव, कमलेश द्विवेदी-कानपुर और रामनरेश पाल-लखनऊ।
10 फरवरी – शाम 5:35 बजे, लोक गायन मगम मिश्र-लखनऊ, लोक गायन ध्रुव-लखनऊ, नृत्य प्रस्तुतियां उर्मिला पांडेय-गोंडा।
म्यूरल चित्रांकन शिविर शुरु:
राज्य ललित कला अकादमी के स्थापना दिवस और चौरी-चौरा शताब्दी समारोह के अवसर पर कल शुरु हुए ‘स्वातंत्र्य वीर अर्चन’ मूर्तिशिल्प शिविर के बाद ‘स्वातंत्र्य वीर अर्चन’ म्यूरल चित्रांकन शिविर की आज शुरुआत हुई। सात फरवरी तक लखनऊ के चित्रकार परमात्मा प्रसाद श्रीवास्तव के संयोजन में आयोजित म्यूरल शिविर में चित्रकूट के कलाकार संगम सागर, बलराम सिंह, सोम कृष्ण प्रजापति, अभिलाष कुमार, सुरेश कुमार ने म्यूरल चित्रांकन करेंगे। यह पहला मौका है जब अकादमी की दीवार पर चित्रकार म्यूरल चित्रण कर रहे हैं।
शिविर का उद्घाटन वरिष्ठ चित्रकार अजय मिश्र ने किया। उन्होंने इस अवसर पर चित्रकारों को जीवंत चित्रण के जरिये वीरगाथा प्रदर्शित करने की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान अकादमी अध्यक्ष सीताराम कश्यप, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र, सचिव डॉ यशवंत सिंह राठौर सहित अकादमी के कर्मी और कलाप्रेमी मौजूद थे।







