बज़्म-ए-ख़वातीन के तत्वावधान में फिरंगी महल चौक पर आयोजन
लखनऊ। बज़्म-ए-ख़वातीन के तत्वावधान में आज फिरंगी महल चौक पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति और “मिसाइल मैन” डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने उनके वैज्ञानिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में भूमिका को याद करते हुए कहा कि भारतीय मुसलमानों को कलाम जैसे व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने दुनिया और आख़िरत दोनों का संतुलन रखते हुए समाज और देश की सेवा की।
समुदाय को विवेकपूर्ण फैसले लेने की अपील
बज़्म-ए-ख़वातीन की अध्यक्ष बेगम शहनाज़ सिद्रत ने कहा कि आज़ादी के बाद मुसलमानों का बहुमूल्य समय तथाकथित सेक्युलर दलों के भरोसे में बीत गया, जबकि उसे शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक उत्थान में लगाना चाहिए था। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों के लिए उन दलों और मुस्लिम नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया, जिन्होंने समुदाय के व्यापक हितों की बजाय व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थों को प्राथमिकता दी। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि भावनाओं की बजाय विवेक और दूरदर्शिता से फैसले लें तथा भीड़ का हिस्सा बनने की बजाय समझदारी से अपना भविष्य बनाएं।
निःशुल्क डेंटल कैंप में महिलाओं-बच्चों की जांच
इसी मौके पर वरिष्ठ सदस्य इकरा रईस जाफ़री के संयोजन में निःशुल्क डेंटल कैंप भी लगाया गया। डॉ. मोहम्मद आमिर, डॉ. ज़ेबा अमरीन, डॉ. फारूक आलम और डॉ. नबीला इब्राहीम ने बड़ी संख्या में महिलाओं व बच्चों के दांतों की जांच की और आवश्यक दवाइयां मुफ्त बांटीं।
कार्यक्रम का संचालन नश्त हयातुल्लाह ने किया। अनवर जहाँ, रिज़वाना मजीद, चाँद उस्मानी, डॉ. कुलकर्णी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।







