लखनऊ, 16 अगस्त 2025: राजस्थान के कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज को लेकर निर्माता अमित जानी ने भले ही खूब शोर मचाया, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह विफल साबित हुई। ‘कश्मीर फाइल्स’ और ‘छावा’ जैसी फिल्मों की सफलता से प्रेरित होकर अमित जानी ने इस फिल्म को बनाया था, उम्मीद थी कि यह दर्शकों का दिल जीत लेगी। लेकिन 4500 सिनेमाघरों में रिलीज होने के बावजूद फिल्म ने तीन दिन में मात्र 1.16 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जिसे बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप माना जा रहा है।
दर्शकों पर फूटा अमित जानी का गुस्सा
फिल्म की असफलता से खफा अमित जानी ने इसका ठीकरा दर्शकों, खासकर हिंदू समुदाय पर फोड़ा। एक वायरल वीडियो में उन्होंने कहा, “हिंदुओं, तुम्हारे पास कन्हैयालाल के न्याय के लिए फिल्म देखने का वक्त तक नहीं था। सैयारा जैसी फिल्मों पर तुमने 450 करोड़ रुपये लुटाए, लेकिन उदयपुर फाइल्स के लिए 200 रुपये भी खर्च नहीं किए।” जानी ने दावा किया कि उनकी फिल्म का मकसद कन्हैयालाल के परिवार को आर्थिक मदद पहुंचाना था, जिसके लिए कमाई का 25% हिस्सा परिवार को देने का वादा किया गया था। लेकिन फिल्म की नाकामी ने इस मकसद को अधूरा छोड़ दिया।
विवादों से भरा रहा है अमित जानी का अतीत
मेरठ के रहने वाले अमित जानी का नाम पहली बार सुर्खियों में तब आया जब उन्होंने 2010 में शिवसेना कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप झेला। इसके बाद 2012 में लखनऊ में बसपा प्रमुख की मूर्ति पर हथौड़ा चलाने और रालोद नेता अजीत सिंह व राहुल गांधी को विरोध में काले झंडे दिखाने के मामले में भी उनका नाम सामने आया। बता दें कि अमित जानी ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की तर्ज पर उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना बनाई थी, लेकिन यह संगठन भी फ्लॉप रहा। फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ के जरिए वह फेम और पैसा कमाने की उम्मीद में थे, लेकिन इस बार भी उन्हें नाकामी ही हाथ लगी।
केंद्र सरकार ने दी Y श्रेणी की सुरक्षा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म की रिलीज से पहले और बाद में अमित जानी को कथित तौर पर सीरिया, पाकिस्तान और ईरान जैसे देशों से जान से मारने की धमकियां मिलीं। इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने उन्हें Y श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की, जिसके तहत उनके नोएडा स्थित आवास पर CRPF के जवान तैनात किए गए हैं। जानी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। हालांकि, सवाल यह उठता है कि एक फ्लॉप फिल्म के निर्माता को इतनी ऊंची सुरक्षा क्यों दी गई, जबकि फिल्म को दर्शकों ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
क्यों फ्लॉप हुई उदयपुर फाइल्स?
‘उदयपुर फाइल्स’ की असफलता की कई वजहें सामने आई हैं। पहली, फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही विवाद शुरू हो गए थे। कन्हैयालाल के परिवार और कुछ संगठनों ने इसे सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाला बताकर विरोध किया था। दूसरी, मेकर्स ने फिल्म का कोई खास प्रमोशन नहीं किया, जिससे दर्शकों तक इसकी पहुंच नहीं बन पाई। तीसरी, सैयारा, धड़क 2 और सन ऑफ सरदार 2 जैसी बड़ी फिल्मों की मौजूदगी ने इसे थिएटर्स में गुमनाम कर दिया।
क्या कहती है फिल्म?
विजय राज स्टारर यह फिल्म 2022 में उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित है। मेकर्स का दावा है कि यह NIA की चार्जशीट पर आधारित है और आतंकवाद की जड़ों को उजागर करती है। हालांकि, सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 130 कट लगाए और इसे A सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया।
आगे भी अमित जानी ऐसी फिल्में बनाना जारी रखेंगे
अमित जानी ने कहा कि वह ऐसी फिल्में बनाना जारी रखेंगे, लेकिन दर्शकों की उदासीनता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। दूसरी ओर, उनकी सुरक्षा को लेकर उठे सवाल और उनके विवादित अतीत ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। क्या यह केवल एक फ्लॉप फिल्म की कहानी है या इसके पीछे कुछ और भी है?







