सरकारी विभागों पर बिजली बिल बकाए के मामले में यूपी नंबर वन

0
234

उपभोक्ता परिषद् ने प्रदेश के ऊर्जामंत्री जी से की मुलाकात और सौपा जनहित प्रस्ताव कहा: बजटरी प्रोविजन कराकर सरकार विभाग को दिलाए पूरा बकाया रूपया 10 हजार बकाए पर जनता की बिजली कट रही सरकारी विभागों की क्यों नहीं, ऊर्जा मन्त्री ने कहा सरकार पूरे मामले पर गंभीर

लखनऊ,31 अक्टूबर 2019: राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि जहां वर्तमान में पूरे प्रदेश में 10 हजार रूपये से अधिक बकायेदारों के खिलाफ अभियान चल रहा है वहीं प्रदेश के सरकारी विभागों पर बढ़ते विद्युत बकाये को सरकारी विभागों से वसूलकर विभाग को दिलाकर कैशगैप कम किया जाना चाहिए।

विद्युत बकाये को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बड़ा सवाल उठाते हुए आज प्रदेश के ऊर्जा मन्त्री श्री श्रीकान्त शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात कर एक जनहित प्रस्ताव सौंपा उपभोक्ता परिषद ने 2018-19 मे सितम्बर तक देश के दूसरे अन्य राज्यों के सरकारी बकायों का तुलनात्मक विवरण रखा जिसमें उप्र देश का पहला राज्य है जहां सबसे ज्यादा सरकारी विभागों पर बकाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विभागों पर 2018-19 मे सितम्बर तक कुल बकाया रू0 13361 करोड़ है। आज यदि सरकारी विभागों का बकाया वसूल लिया जाये तो आसानी से बिजली कम्पनियों की खराब वित्तीय स्थिति में सुधार हो सकता है और कहीं न कहीं उसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा।

राज्य                               2018-19 मे सितम्बर तक सरकारी विभागों पर बकाया
उत्तर प्रदेश                         13361 करोड़
तेलंगाना                            6737 करोड़
आन्ध्र प्रदेश                        4913 करोड़
महाराष्ट्र                             3332 करोड़
छत्तीसगढ                           2011 करोड़
केरल                               1835 करोड़
तमिलनाडु                         1620 करोड़
पंजाब                              1313 करोड़
बिहार                              1120 करोड़
हरियाणा                           969 करोड़

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने उर्जामंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया की सरकारी विभागों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का जो निर्णय लिया गया वह सराहनीय है अब सबसे बड़ा मुद्दा यह है की उत्तर प्रदेश जो भारत देश में बकाए में टॉपटेन पर है उस बकाए को कैसे विभाग को दिलाकर विभाग की आर्थिक हालत सुधारी जाय जिससे उसका फयदा प्रदेश के उपभोक्ताओ को मिल पाए इसलिए सरकार को उच्च स्तर पर निर्णय लेकर इस बकाए को बजटरी प्रोविजन कराकर विभाग को दिलाने पर विचार किया जाना बहुत जरूरी हो गया है निर्णय लेने का कष्ट करे।

प्रदेश के ऊर्जा मन्त्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया की सरकार पूरे मामले पर गंभीर है सरकारी विभागों के बकाया को हर हाल में कम करके उसका लाभ प्रदेश की जनता को दिलाने के लिए हर तरह से प्रभावी कदम उठायेेगी उपभोक्ता परिषद् के प्रस्ताव पर उचित कदम उठाया जायेगा।

पढ़े इससे सम्बंधित:

बिजली विभाग की कहीं निजीकरण की साजिश तो नहीं ?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here