- आरक्षण समर्थकों का सरकार पर बड़ा आरोप कुछ आरक्षण विरोधी सरकार में बैठे उच्चाधिकारी नहीं देना चाहते दलितों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ
लखनऊ, 09 जुलाई 2018। सुप्रीम कोर्ट आदेश के तहत भारत सरकार द्वारा कानून की परिधि में दलित कार्मिकों को पदोन्नति में आरक्षण दिये जाने के लिये 15 जून को सभी राज्यों के लिये जारी आदेश के लगभग 1 माह व्यतीत हो जाने के बाद भी उप्र सरकार द्वारा आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(7) को 15-11-1997 से बहाल न किये जाने को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल आज अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग, उप्र के चेयरमैन श्री बृजलाल से इन्दिरा भवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर एक ज्ञापन दिया।
संघर्ष समिति द्वारा सौंपे गये इस ज्ञापन में मुख्य सचिव,उप्र को अविलम्ब यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि उप्र में पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था अविलम्ब बहाल करायी जाये। जब तक पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल न हो जाये तब तक सभी सरकारी विभागों की पदोन्नति पर रोक लगाये जाने की मांग उठायी है।
संघर्ष समिति ने कहा कि जिस प्रकार से सभी विभागों में पदोन्नति कर सामान्य वर्ग के कार्मिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। उससे आने वाले समय में सभी पदों पर रिक्तियां भर जायेंगी और दलित कार्मिकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पायेगा।
आयोग के चेयरमैन श्री बृजलाल ने संघर्ष समिति प्रतिनिधि मण्डल को आश्वासन दिया कि संघर्ष समिति द्वारा सौंपे गये ज्ञापन को सरकार को अविलम्ब कार्यवाही हेतु निर्देशित किया जायेगा।







