अमेज़न इंडिया ने यूपी के खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के साथ किया समझौता

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राज्य में खादी कारीगरों को सहयोग दिया जायेगा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में उनके विकास को सशक्त बनाया जायेगा

लखनऊ, 20 फरवरी, 2018ः भारत में खरीद और बिक्री के तरीके को बदलने के अपने दृष्टिकोण के अनुसार, अमेज़न इंडिया ने आज उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये है। इस समझौते के तहत अमेज़न इंडिया गांवों में रहने वाले खादी कारीगरों को देशभर में । Amazon.in के ग्राहकों को सीधे अपने उत्पाद बेचने के लिए शिक्षित एवं प्रशिक्षित कर सक्षम बनायेगा। आॅनलाइन उत्पादों की सूची में खादी के शर्ट, कुर्ते, धोती, टाॅवेल और स्वादिष्ट व्यंजन होंगे, जिनकी शहरों में भारी मांग व सामथ्र्य है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार टेक्सटाइल व एपरेल क्षेत्र ने क्रमशः 35 और 50 मिलियन भारतीयों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दिया है और यह कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार क्षेत्र बन गया है। इस कारण खादी अधिक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। प्राकृतिक और पर्यावरण हितैषी उत्पादों की ओर उन्मुख लोगों के कारण प्रकृति में अपघटनीय और जैविक उत्पादों की मांग बढ़ रही है। इस भागीदारी के माध्यम से अमेज़न इंडिया और उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड ग्रामीण लोगों को सशक्त करेंगे और उनके लिये रोजगार के अवसर निर्मित करेंगे और खादी एवं ग्राम उद्योग की अर्थव्यवस्था को विकसित करेंगे। खादी व्यवसायियों को डिजिटल कनेक्टिविटी देकर यह गठबंधन उन्हें भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर लाभ पहुंचायेगा। उत्पादों को आॅनलाइन बेचने के विकल्प से ग्रामीण व्यवसायी अपनी पहुँच का विस्तार कर सकेंगे, उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।

उत्तर प्रदेश की लगभग 80 प्रतिशत ग्रामीण आबादी कृषि पर निर्भर है, जिनके लिये खादी आय बढ़ाने का एक अन्य स्रोत बन सकता है, क्योंकि इसमें उपलब्ध कच्चे माल का उपयोग होगा। अपनी योजना के हिस्से के तौर पर अमेज़न इंडिया ने खादी बोर्ड के साथ मिलकर अक्टूबर 2017 से कार्यशालाओं का आयोजन शुरू किया था, ताकि खादी सोसायटी और ग्राम उद्योगों को शिक्षित किया जा सके। यह कार्यशालाएं कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद और लखनऊ में आयोजित हुईं, जिनमें ई-मार्केटिंग और आॅनलाइन बिक्री का प्रशिक्षण दिया गया। अमेज़न इंडिया ने लगभग 150 सोसायटी के लिये कार्यशालाओं का आयोजन किया और कारीगरों को बाजार में प्रवेश दिया। इस भागीदारी के जरिये कई ग्रामीण कारीगरों को प्रभावित करने वाली 8 खादी सोसायटी वर्तमान में । Amazon.in पर सक्रिय हैं और 400 से अधिक उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं।

खादी भारत की पहचान: सत्यदेव पचौरी

इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में खादी एवं ग्राम उद्योग के माननीय मंत्री श्री सत्यदेव पचौरी ने कहा, ‘‘खादी भारत की पहचान है, जिसे विगत कुछ वर्षों में ग्राहकों से नई स्वीकार्यता मिली है। ऐसे कई बुनकर और कारीगर हैं, जो अपनी कुशलता से खादी को जीवंत करते हैं। हम मानते हैं कि इन कलाकारों के लिये ई-काॅमर्स सर्वश्रेष्ठ तरीका है, ताकि वह देश और विदेश में ग्राहकों तक पहुँच सकें। हम इन कारीगरों की डिजिटल यात्रा में अमेज़न के साथ भागीदारी कर प्रसन्न हैं, इससे उनकी पहुँच बढ़ेगी और रोजगार निर्मित होगा। आॅनलाइन वाणिज्य क्षेत्र का यह उपक्रम सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल को सहयोग देता है और हम इस यात्रा में अमेज़न को सहयोग प्रदान करते रहेंगे।’’

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