Home उत्तर प्रदेश ‘बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं’ योजना मील का पत्थर साबित होगीः रामनारायण साहू

‘बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं’ योजना मील का पत्थर साबित होगीः रामनारायण साहू

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‘ना गंदगी करेंगे, ना करने देंगे’

लखनऊ,12 फरवरी। भारतीय तैलिक साहू, राठौर महासभा के उत्तराखण्ड के तृतीय प्रदेश स्वाभिमान सम्मेलन और महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओं-बेढ़ी पढ़ाओं, नशामुक्त समाज, स्वच्छ भारत अभियान गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद और भारतीय तैलिक साहू, राठौर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनारायण साहू ने कहा कि बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजन पर देश के प्रधानमंत्री का ठोस नजरिया है। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास का लेकर चल रही केन्द्र की भाजपा सरकार ने बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना को जिस तरह जमीन से जोड़कर क्रियान्वयन किया हैे, यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास की एक संयुक्त पहल के रूप में समन्वित और अभिसरित प्रयासों के अंतर्गत बालिकाओं को संरक्षण और सशक्त करने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को की गई है और जिसे निम्न लिंगानुपात वाले 100 जिलों में प्रारंभ किया गया है। सभी राज्यों संघ शासित क्षेत्रों को कवर 2011 की जनगणना के अनुसार निम्न बाल लिंगानुपात के आधार पर प्रत्येक राज्य में कम से कम, एक जिले के साथ 100 जिलों का एक पायलट जिले के रूप में चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को न स्वयं गंदगी फैलानी चाहिए और न किसी और को फैलाने देनी चाहिए।
उन्होंने ‘ना गंदगी करेंगे, ना करने देंगे’ का मंत्र दिया। श्री साहू ने स्वच्छता अभियान में शामिल होने के लिए नौ लोगों को आमंत्रित भी किया और उनसे अनुरोध किया कि वे सभी नौ अन्य लोगों को इस पहल से जोड़ें। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि जो समाज नषा मुक्त होगा उसका विकास सौ फीसदी तय है।
इस दौरान अपने सम्बोंधन में भारतीय तैलिक साहू, राठौर महासभा उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष पत्रकार ललित राठौर ने प्रदेश सरकार के समक्ष अपनी मांगे रखते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में नजूल की भूमि पर निवास करने वाले लोगों को उक्त भूमि का मालिकाना हक दिया जाए। उत्तराखण्डमें पिछड़े वर्ग का कोटा 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया जाए। नवीनीकरण की सीमा समाप्त करते हुए तेली जाति को अति पिछड़ा घोषित किया जाए। पिछड़ी जाति के छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बिना ब्याज ऋण दिया जाए।
इस दौरान कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सुषमा साहू ने कहा कि भारत सरकार का नेतृत्व कर रहे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का समाज के सबसे पिछड़े तबके के प्रति स्पष्ट नजरिया है। उन्होेने कहा कि बलिका शिक्षा, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दे पर केन्द्र सरकार निरन्तर समीक्षा करते हुए बहुत कुछ कार्यक्रम चला रही है। इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष रामऔतार साहू, युवा कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष रमाशंकर तेली और राष्ट्रीय सलाहकार एड. मनोज साहू ने सम्बोधित किया। यह जानकारी राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश साहू ने दी।

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