उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है जापान

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जापान उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है। जापान की नजर प्रदेश के निर्माण, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास, कचरा प्रबंधन, डेयरी, पशुधन, ऊर्जा, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर है।
पीएचडी चेंबर आफ कामर्स के नेतृत्व में आये 24 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना से मुलाकात की।
महाना ने कहा, प्रदेश में निवेश करने वाले निवेशकों को सरकार हरसम्भव सहयोग एवं सुविधाएं मुहैया कराएगी। उत्तर प्रदेश में अनेक ऐसे क्षेत्र है जिनमें निवेश की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं। सरकार ने यह व्यवस्था की है कि निवेशक प्रदेश में कहीं भी उद्यम स्थापना के लिए स्वतंत्र है।
महाना ने कहा कि जापानी प्रौद्योगिकी की अपनी एक विशेष छवि है और यदि जापान के उद्यमी इस प्रौद्योगिकी को प्रदेश में उपलब्ध कराते हैं तो प्रदेश की इकाइयां अपने उत्पादों को और गुणवत्तायुक्त तथा बेहतर बना सकेंगी।
उन्होंने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया कि वे जो भी निवेश प्लान प्रस्तुत करेंगे, सरकार उन पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय लेगी और राज्य के औद्योगिक विकास में जापानी उद्योगपतियों का पूरा सहयोग प्राप्त किया जायेगा।
जापानी प्रतिनिधि मण्डल का नेतृत्व करते हुए इंटरनेशनल सेन्टर फार हेल्थ एण्ड डेवलेपमेन्ट के पदाधिकारी डा0 सुशील यामामोटो ने औद्योगिक विकास मंत्री को अवगत कराया कि जापानी प्रतिनिधि मण्डल का प्रदेश भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेश सम्बन्धित नीतियों, कार्यक्रमों एवं योजनाओं विशेषकर औद्योगिक गलियारे के विकास की सम्भावनाओं को तलाशना है।
उन्होंने कहा कि यह प्रतिनिधिमण्डल औद्योगिक गलियारे के विकास के लिए कुशल श्रम की उपलब्धता सुनिश्चित करने, विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था, रोड और रेल कनेक्टिविटी के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर रहा है ताकि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने पर उद्यमियों को कोई कठिनाई न हो।
महाना ने यह भी बताया कि प्रतिनिधिमण्डल मैन्युफैक्चरिंग, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास, वेस्ट मैनेजमेन्ट, डेयरी, पशुधन, ऊर्जा, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों का भी अध्ययन कर रहा है ताकि वे इन क्षेत्रों में उद्यम स्थापित कर सके।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि डेयरी विकास, मधु परियोजना और मत्स्य पालन के साथ ही कृषि यंत्रों (स्प्रिंकलर प्रोजेक्ट) पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिनिधिमण्डल एक निवेश योजना भी बना रहा है जिसे जल्द ही सरकार को प्रेषित किया जायेगा। महाना ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया कि वे जो भी निवेश प्लान प्रस्तुत करेंगे, सरकार उसका परीक्षण कराकर सभी बुनियादी सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि इकाई स्थापना में जो भी छूट आदि देय हो सकती है, उसे वर्तमान औद्योगिक नीति के तहत उपलब्ध करायी जायेगी।

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