कार्डियक सर्जरी से मैक्स हॉस्पिटल ने लोगों को दी नयी जिंदगी

0
455

मेरठ के लोगों को मिली नयी तकनीकी से सर्जेरी कराने की खास सुविधा

मेरठ 29 अगस्त, 2018: देश मे हार्ट अटैक के रोगियों की संख्या मे प्रतिदिन बहुत तेजी से इजाफा हो रहा है चाहे वो शहर हो या गाँव। यूपी का मेरठ शहर भी इससे अछूता नहीं है, यहाँ के युवा से लेकर वृद्ध भी इस बीमारी से ग्रसित होते जा रहे है और आये दिन कई मरीज यहाँ से दिल्ली इलाज कराने जाते हैं और ऐसे ही कई मरीजों का इलाज मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज के द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। लोगों के बीच बढ़ रही हार्ट से संबंधित समस्याओं को लेकर मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज मेरठ शहर मे कई तरह के जागरूकता कैंप के साथ-साथ अन्य गतिविधियां भी करते है और लोगो को इन बीमारियों से बचने का उपाय भी सुझाते है ।

प्रेस के माध्यम से नीरज मिश्रा (मैक्स हैल्थकेयर, जोन 2 के डायरेक्टर), ह्रदय रोगों के विशेषज्ञ डॉ ऋत्विक राज भुयान (सीटीवीएस, इंस्टिट्यूट ऑफ़ कार्डियक साइंसेज के प्रिंसिपल कंसलटेंट एंवम इंचार्ज) और डॉ. ममतेश ने सम्बोधित किया।

डॉ ऋत्विक ने कहा कि ‘आजकल युवा वर्ग में ह्रदय सम्बंधी रोगों की संभावनाएं बढ़ती ही जा रही हैं और यह पुरुषों और महिलाओं दोनों के ही लिए जोखिम भरा विषय है। भारतीय युवा अपनी खराब जीवनशैली के कारण कोरोनरी आर्टरी के रोग से पीड़ित हैं। व्यस्त जीवनशैली के कारण युवा शारीरिक गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते जिसके चलते कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, टाइप2 डायबिटीज और मोटापे जैसे रोगों का खतरा दुगना हो जाता है और यह उच्च रक्त चाप, लिपिड लेवल्स में असंतुलन और घबराहट जैसे जोखिमों को भी बढ़ा देता है, जो की सीधे दिल की बीमारी से जुड़े हुए हैं।

नीरज मिश्रा ने बताया कि ‘दुनिया भर में सबसे ज्यादा मृत्यु हार्ट अटैक या हार्ट फेल होने की वजह से होती हैं। विश्व में लगभग 17 मिलियन लोगों की मृत्यु दिल की बीमारी से होती है। अध्ययन के अनुसार, भारत में 3 मिलियन लोगों की मृत्यु सीवीडी कार्डिओ-वैस्कुलर डिसीसेस से होती हैं, जिसमे हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक भी शामिल होते हैं। शहरी क्षेत्रों के लगभग 14 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों के 16 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। एक स्वस्थ जीवन शैली को अपनाते हुए नियमित जांच और रखरखाव से इस जानलेवा बीमारी को रोका जा सकता है। दवाइयों के जरिए हृदय रोग की समस्याओं को जड़ से खत्म किया जा सकता है और एक कीमती जान बच सकती है।”

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ममतेश बताती हैं, कि “भारत में हृदय से सम्बंधित रोगों की समस्याएं कम उम्र के युवाओं में भी बढ़ती जा रही हैं। खाने कि आदतें, शुद्ध हवा की कमी, तनाव, व्यायाम न करना और भोजन में ओमेगा -3 की कमी, मधुमेह और उच्च रक्तचाप इसके मुख्य कारणों में से एक हैं। दिल को तीन धमनियों से रक्त की आपूर्ति मिलती है। यदि इनमें से कोई भी अवरुद्ध हो जाती है, तो छाती के बीच में, जबड़े और दोनों हाथों में गंभीर दर्द होता है। इससे दिल का दौरा पड़ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप बीपी, बेचैनी, पेट की खराबी और पसीना कम आने जैसे दिक्कते होने लगती है।

उन्होंने कहा कि यदि ये लक्षण हैं, तो रोगी को पास के अस्पताल जाना चाहिए और इसका तुरंत इलाज कराना चाहिए। हमें रोजाना नियमित रूप से योग, ध्यान, पैदल चलने की साथ साथ नियमित व्यायाम करना और ओमेगा -3 युक्त आहार का सेवन करना चाहिए जिससे कि दिल के दौरे से बचा जा सके।”

Please follow and like us:
Pin Share

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here