लखनऊ, 26 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) द्वारा 42 जनपदों में बिजली वितरण के निजीकरण के लिए तैयार ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट (SBD) की वैधानिकता पर सवाल उठे हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, यह दस्तावेज भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नहीं है, न ही इस पर जनता या हितधारकों से सुझाव मांगे गए, जो इसे अवैध बनाता है।
परिषद का दावा है कि यह मसौदा निजी घरानों ने अपने फायदे के लिए तैयार करवाया और UPPCL प्रबंधन ने ऊर्जा मंत्रालय से गुप्त रूप से इसकी मंजूरी ली। इसकी वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए परिषद ने मामले की CBI जांच की मांग की है, साथ ही ऊर्जा मंत्रालय से 40 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं से माफी मांगने को कहा है।







