मोदी सरकार के खिलाफ आरक्षण समर्थकों का फूटा गुस्सा, 20 जनवरी से बड़े आंदोलन का ऐलान

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मोदी सरकार ने सवर्ण गरीबों को बिना मांगे 2 दिन में दिया आरक्षण का लाभ वहीं लम्बे आन्दोलन के बाद भी 5 सालों से लम्बित आरक्षण बिल को क्यों नहीं किया पास?
लखनऊ, 10 जनवरी 2019: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र संयोजक मण्डल की आज एक आपात बैठक में केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा सवर्ण गरीबों को केवल 2 दिन में ही लोकसभा व राज्यसभा के दोनों सदनों से 10 प्रतिशत आरक्षण देने हेतु बिल पास करा दिया गया।
वहीं बाबा साहब द्वारा बनायी गयी संवैधानिक व्यवस्था के तहत दलित समाज को मिलने वाला पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल जो पिछले 5 वर्षों से अधिक समय से लोकसभा में लम्बित है। उस पर केन्द्र की मोदी सरकार चुपचाप तमाशा देख रही है और पूरे देश के लाखों दलित कार्मिकों को लगातार अपमानित करा रही है।
गरीब सवर्णों को आरक्षण दिये जाने के विरोध में संघर्ष समिति नहीं है, लेकिन सवर्णों को मोदी सरकार 2 दिन में बिना मांगे और बिना किसी आन्दोलन के उन्हें 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दे दिया जाता है। वहीं पूरे देश में लम्बे समय से आन्दोलन कर रहे दलित कार्मिकों को केन्द्र की मोदी सरकार ने न्याय नहीं दिया, जो केन्द्र की मोदी सरकार की दलित विरोधी नीतियों को उजागर करता है और सबसे बड़ा चौकाने वाला मामला यह है कि दोनों सदनों में सभी राजनीतिक दलों के सैकड़ों मा. दलित सांसद दलित कार्मिकों हेतु पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर 5 वर्षों से मौन साधे हुए हैं। अब समय आ गया संघर्ष समिति उन्हीं के आरक्षित लोकसभा में उनकी चुप्पी का पर्दाफाश कर 2019 में वोट की ताकत का एहसास करायेगी।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों सर्वश्री अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्यामलाल, अन्जनी कुमार, राम औतार, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र, सुनील कनौजिया ने कहा 20 जनवरी से संघर्ष समिति उप्र के सभी 17 आरक्षित लोकसभा क्षेत्रों में दलित व पिछड़े समाज की बस्तियों में यह अभियान चलायेगी कि किस प्रकार से केन्द्र की मोदी सरकार ने सवर्ण गरीबों को बिना मांगे 2 दिन में आरक्षण दे दिया और 5 साल से दलितों के पदोन्नति बिल को क्यों नहीं किया पास और साथ ही यह नारा भी बुलन्द किया जायेगा कि दलित पिछड़ों की जनसंख्या के आधार पर उन्हें आरक्षण दिया जाये और 50 प्रतिशत आरक्षण के बैरियर को आगे बढ़ाया जाये और दलित व पिछड़े वर्ग के लोगों को सरकारी व निजी क्षेत्रों में आरक्षण का प्राविधान बनाकर लाभ दिया जाये।

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