राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले की जीवनी को कक्षा 12 तक के पाठ्यक्रम में किया जाये शामिल: संघर्ष समिति

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देश की प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले के जन्म दिवस पर आरक्षण समर्थकों ने किया याद

लखनऊ, 03 जनवरी 2019: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजक मण्डल के तत्वाधान में देश की प्रथम शिक्षिका राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले जी के जन्म दिवस पर आज आरक्षण समर्थकों ने उन्हें याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पण किया और उनके बताये हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

आरक्षण समर्थकों ने कहा कि सावित्री बाई फुले जी ने जिस प्रकार से देश की महिलाओं में शिक्षा का प्रसार कर उन्हें आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया, वह अपने आप में ऐतिहासिक सराहनीय पहल थी। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के नेताओं ने इस अवसर पर केन्द्र की मोदी सरकार से यह मांग उठायी कि कक्षा 12 तक के शिक्षा पाठ्यक्रम में देश की प्रथम शिक्षिका के संघर्ष और उनकी जीवनी को शामिल किया जाये, जिससे देश का हर बच्चा उनके योगदान से अवगत हो सके और उनके बताये हुए रास्ते पर चलकर देश के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दे सके।

इस अवसर पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों में अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्यामलाल, अन्जनी कुमार, प्रेमलता, लेखराम, बनी सिंह, प्रेम चन्द्र, आदर्श कौशल, अशोक सोनकर, दिनेश कुमार, अशोक रावत, महेन्द्र कुमार, अरविन्द फरसोवाल, शिवराम, सुनील कनौजिया ने कहा बाबा साहब पे बैक टू सोसाइटी के तहत संघर्ष समिति द्वारा समय-समय पर जो सहयोग समाज में किया जाता है, अब आगे समाज के कमजोर लोगों को शिक्षा में आगे बढ़ने के लिये संघर्ष समिति द्वारा समय-समय पर छात्र/छात्राओं को जो सहयोग किया जायेगा, उसका नाम ‘‘सावित्री बाई फुले शिक्षण प्रेरित सहयोग धनराशि‘‘ होगी।

गौर तलब है कि पिछले वर्षों में भी संघर्ष समिति ने समाज के कमजोर वर्ग के अनेकों छात्रों को सहयोग किया है, अब आगे इस योजना का विस्तृत रूप से विस्तार करेगी।

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