लखनऊ, 17 नवंबर 2018: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री हेमवती नंदन बहुगुणा की जन्म शताब्दी पर आयोजित “उत्तराखंड महोत्सव” पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ के प्रो. कमान सिंह को उत्तराखंड गौरव-2018 सम्मान से सम्मानित किया है।
बता दें कि प्रो. कमान सिंह विवि इंजीनियरिंग विभाग (यूआईईटी) के निदेशक, डीन भौतिकीय विज्ञान व निर्णय विज्ञान विद्यापीठ (एसपीडीएस) के अधिष्ठाता है और रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष भी हैं।
प्रो. श्री सिंह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश में 25 सालों से शिक्षा और वैज्ञानिक स्तर पर काफी सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2018 से हुए सम्मानित:
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ को चीनी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके श्रेय के लिए उनके सराहनीय अनुसंधान कार्य के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2018 से सम्मानित किया गया है। प्रो. सिंह के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय चीनी खरीद अनुबंधों के लिए चीनी गुणवत्ता मूल्यांकन के लिए उनके द्वारा विकसित पीएच 6.4 पर आधारित एक विधि, आईयूयूपीएसी और एओएसी प्रोटोकॉल के अनुसार आईसीयूएमएसए द्वारा वैश्विक अध्ययन के लिए सिफारिश की गई है।
प्रो सिंह को रसायन विज्ञान क्षेत्र में सामान्य शर्करा से फुलेरिन के उत्पादन का श्रेय जाता है। फुलेरिन हीरा और ग्रेफाइट के बाद कार्बन का नया अवतार है जिसे प्रो सिंह ने चीनी के क्रिस्टल से तैयार कर एक नई खोज का अविष्कार किया है।
वह भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) अंतरराष्ट्रीय सहयोगी / द्विपक्षीय विनिमय कार्यक्रम -2011 के तहत वैज्ञानिकों का दौरा कर रहे हैं।
भारत के लोकप्रिय प्रोफेसर सी एन आर राव द्वारा प्रायोजित विज्ञान दूरगामी कार्यक्रम (एसओपी) के तहत उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों के कक्षा 10 वें और 12 वीं के छात्रों को शिक्षित करने में और उनके अंदर वैज्ञानिक सोच पैदा करने के लिए उनके अनचाहे प्रयास और लोकप्रिय योगदान, विशेष रूप से प्रशंसनीय है।
प्रो. सिंह ने भी अपने प्रिय माता-पिता की याद में दुर्गा देवी-दौलत सिंह मेमोरियल अवॉर्ड की शुरुआत की है। 2014 के लिए उच्च शिक्षा के लिए स्कूल बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ प्रोत्साहन धनराशि उन छात्र छात्राओं को दी जाती है जो रसायन विज्ञान विषय में उच्च अंक हासिल करते हैं।
हाल ही में, प्रोफेसर सिंह ने भारत रत्न डॉ। एपीजे की 87 वीं जयंती के अवसर पर 15 अक्टूबर, 2018 को एक अकादमिक के रूप में अपने शैक्षणिक सेवाकाल की रजत जयंती मनाई है। प्रो सिंह का मानना है कि देश के बच्चे ही देश का असली भविष्य हैं। वह अपना प्रेरणा स्रोत पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को मानते हैं। डॉ कलाम की तरह ही प्रो सिंह बच्चों से बहुत लगाव रखते हैं और उनमें बच्चों की तरह घुलमिल जाते हैं तथा बच्चों को बातों ही बातों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देते हैं। उनके डॉ कलाम की तरह बच्चों के प्रति लगाव की वजह से उन्होंने अपने शैक्षणिक सेवाकाल की रजत जयंती भी डॉ कलाम की याद में 87वें जन्मदिन पर जूनियर हाई स्कूल के बच्चों के संग 87 गुब्बारों को आसमान में छोड़कर डॉ कलाम की जयंती मनाई।







