- ऊर्जा निगमों में निदेशकों के पद पर पिछड़े वर्ग के लिये लागू आरक्षण की व्यवस्था को करने पर दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ताओं में भारी रोष
- एसोसिएशन के प्रतिनिधि मण्डल ने ऊर्जा मंत्री से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन और कल 23 जून को होने वाले निदेशकों के साक्षात्कार पर रोक लगाने की उठायी मांग
लखनऊ, 22 जून। बिजली कम्पनियों में लगभग आधा दर्जन निदेशकों के पदों पर 23 जून को होने वाले साक्षात्कार को रूकवाने को लेकर पावर आफिसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और उनके सामने यह मुद्दा उठाया कि ऊर्जा विभाग द्वारा बहुत ही चालाकी से गुपचुप तरीके से ऊर्जा निगमों में निदेशक के पद पर लागू सामूहीकरण की व्यवस्था को 20 अप्रैल,2018 को समाप्त कर पिछड़े वर्गों का आरक्षण समाप्त कर दिया गया है, जिससे पूरे प्रदेश के पिछड़े वर्ग के अभियन्ताओं में काफी रोष व्याप्त है।
जब तक आर्डर को पुनः बहाल न किया जाये तब तक निदेशकों की चयन प्रक्रिया अविलम्ब रोकी जाये। एसोसिएशन के नेताओं ने यह मुद्दा भी उठाया कि पावर कार्पोरेशन/वितरण निगमों में आरक्षण समाप्त होने की वजह से वर्तमान में एक भी पद पर दलित मुख्य अभियन्ता नहीं हैं, जिससे वह पूरी प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। चूंकि भारत सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू कर दी गयी है। जिस पर उप्र का कार्मिक विभाग कार्यवाही में जुटा है, इसलिये जब आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(7) को बहाल कर सभी विभागों में दलित अभियन्ताओं की पदोन्नति न शुरू हो जाये तब तक निदेशकों का चयन किया जा गलत है क्योंकि इन वर्गों का प्रतिनिधित्व नगण्य है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल को यह आश्वासन दिया कि पूरे मामले का गम्भीरता से परीक्षण कराया जायेगा किसी भी दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ता के साथ अन्याय बिल्कुल नहीं होने पायेगा।
ऊर्जा मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधि मण्डल में शामिल उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष केबी राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, अति. महासचिव अनिल कुमार, सचिव आरपी केन, एसपी सिंह, संगठन सचिव, अजय कुमार, राधेश्याम, आदर्श कौशल, आनन्द कनौजिया, जय प्रकाश ने कहा कि ऊर्जा मंत्री के साथ आज की वार्ता बहुत ही सार्थक माहौल में हुई है। निश्चित ही ऊर्जा मंत्री द्वारा दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ताओं के साथ न्याय किया जायेगा और एसोसिएशन को पूरी उम्मीद है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री द्वारा कल के साक्षात्कार को रोक कर पिछड़े वर्गो के लिये लागू आरक्षण की व्यवस्था बहाल कराने व दलित संवर्ग में पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू होने के उपरान्त ही साक्षात्कार कराया जायेगा।







