लखनऊ, 28 जून। प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत कबीर नगर के मगहर में कबीर की मज़ार पर पहुंच कर कबीर की 500वीं पुण्यतिथि की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान मजार के एक मौलवी ने उन्हें टोपी पहनाने की कोशिश की, लेकिन योगी ने मौलवी का हाथ पकड़कर टोपी को दूर कर दिया।
यह बिल्कुल उसी तरह की घटना है, जिस तरह सन 2011 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सद्भावना उपवास के दौरान एक मुस्लिम मौलाना द्वारा दी गई टोपी पहनने से इनकार कर दिया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने संत कबीर की 500वीं पुण्यतिथि पर मगहर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन की भव्यता को लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान के रूप में भी देखा जा रहा है।
हाल के दिनों में दो वजहों से दलित भाजपा से दूर गए हैं। एससीएसटी एक्ट पर सुप्रीम के निर्देश और महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव विवाद के बाद पूरे देश के दलित आंदोलित हो गए हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने भी दलितों के असंतोष को खत्म करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। यही वजह है भाजपा ने कबीर की पुण्यतिथि के आयोजन पर इतना ध्यान दिया है।






