बीजिंग, 20 मई। चीन ने एक बार फिर बमवर्षक विमानों की तैनाती को लेकर अमेरिका से विवाद को लेकर तूल दे दिया है मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर में बमवर्षक विमानों की तैनाती की है। चीन की इस हरकत से अमेरिका भड़क गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बमवर्षक विमानों के कारण इलाके में विवाद गहराने के संकेत मिल रहे हैं। इस बारे में चीनी वायु सेना ने मीडिया को जानकारी दी है कि एच-6K बमवर्षक सहित फाइटर जेट्स ने हाल ही में दक्षिण चीन सागर में उड़ान भरने और उतरने का प्रशिक्षण लिया है। एच-6K की मारक क्षमता (3,520 किलोमीटर) बताई गयी है। बताया जाता है कि पूरा साउथ ईस्ट एशिया का इलाका उसकी जद में है। पीपुल्स लीबरेशन एयर फोर्स के अनुसार इस प्रशिक्षण छमता ने चीन की वायु सेना की पहुंच को, क्षेत्र में कहीं भी पहुंचने, पूरी क्षमता के साथ कहीं भी मार करने की क्षमता को बढ़ा दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के आधिकारिक समाचार पत्र पीपुल्स डेली में शुक्रवार को ट्वीटर हैंडल से पोस्ट एक वीडियो में एच-6K का ट्रेनिंग कार्यक्रम दिखाया गया, जिसमें बमवर्षक विमानों को उतरते, उड़ान भरते और उड़ते हुए दिखाया गया है।
इस कदम से तनाव बढ़ेगा: अमेरिका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह कदम इस क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता बढ़ाने वाला है। खबरों के अनुसार पेंटागन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल क्रिस्टोफर लोगन ने बमवर्षक विमानों की तैनाती को चीन की ओर से क्षेत्र का सैन्यकरण करने की कोशिश कहा है। बताया गया है कि बम वर्षकों ने दक्षिण चीन सागर के वुडी द्वीप के ऊपर प्रशिक्षण हेतु उड़ान भरी थी। जानकारी में आया है कि इस इलाके में चीन ने कुछ मानव निर्मित द्वीप भी बनाये हैं। जिनपर रनवे, रडार और मिसाइल स्टेशनों का निर्माण किया गया है।







