आईवीएफ तकनीक (IVF Technique) का कमाल
नई दिल्ली, 10 दिसम्बर 2018: अमेरिका में दो महिलाओं ने एक बच्चे को जन्म देकर विकसित विज्ञान पर बहस छेड़ दी है। खबर है यहां पर एक लेस्बियन कपल ने एक ही बच्चे को बारी-बारी से अपने गर्भ में रख कर पाला और फिर उसे जन्म दिया। मीडिया खबरों के अनुसार शायद यह दुनिया भर में पहला ऐसा बच्चा है जो दो माँ के गर्भ में पला है और इसलिए इस बच्चे के जन्म को इतिहास का दर्जा दिया जा रहा है।
इस दंपत्ति ने अपनी पहली संतान को जन्म देने के लिए आईवीएफ तकनीक की मदद ली है। मीडिया खबरों की मानें तो इस ऐतिहासिक चिकित्सा कमाल को वास्तविक बनाने के लिए जोड़े में से एक महिला के अंडाणु को लेकर प्रयोगशाला में एक डोनर के स्पर्म के साथ विकसित किया गया।
फिर इसके बाद जब भ्रूण बन गया तो उसे पहले एक महिला ने अपने गर्भ में स्थानांतरित करवाया, फिर कुछ समय बाद यही भ्रूण दूसरी महिला के गर्भ में रख दिया गया और निश्चित समय पर उसने संतान को जन्म दिया। इन दोनों महिलाओं का नाम है एशले और ब्लिस कॉलटर, दोनों ही महिलाएं इसी साल जून में एक बेटे की मां बन गई और उन्होंने अपने बेटे का नाम स्टेटसन रखा।







