Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, June 15
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    मानव संस्कृति को प्रभावित करने वाला वायरस

    By May 26, 2020Updated:May 26, 2020 Hot issue No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 463

    आने वाले समय मे कुछ भी हो सकता है लेकिन आज हमें यह कहना पड़ता है कि मानवता और मानव संस्कृति को प्रभावित करने वाला यह आपदा जहां एक तरफ पूरी दुनिया के लाखों लोगों को अपने चंगुल में लेकर लाखों की संख्या में लोगों की प्राणों की आहुति ली वहीं समाज के लोगों के मध्य एक व्याकुलता, चिंताओं से भरा व्यथित ह्रदय छोड़ गया है। समाज के लोगो को अनेकों तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा हैं लेकिन वहीं पर हम सभी लोगों को अपने रोजमर्रे के कुछ आचार-विचार, खान-पान में घोर परिवर्तन लाने की ओर सचेत कर अपने दिनचर्या एवं आचार विचारों में बदलाव लाने के लिये हमें विवष भी कर दिया है।

    इस वायरस की वजह से विशेषकर हमारे पड़ोसी देश चीन को तो मजबूर कर ही दिया है कि उसे अब सपने खान-पान की व्यवहारों में आमूलचूल परिवर्तन लाना पड़ेगा इसके साथ ही साथ हम भारत के लोगों को भी अपने रोजमर्रे के दिनचर्या में स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने के लिए मजबूर होने के साथ ही साथ सचेत एवं जागरुक रहना पड़ेगा।

    यदि हम आज से 50 से 60 दशकों के पूर्व काल की बात करें तो हमे यह स्पष्ट दिखाई देगा कि अधिकतर परिवारों में हमारे घरों के बड़े बुजुर्गों को यह कहते और स्वमं करते हुये सहजता से देख सकते थे कि बाहर से आने के बाद व्यक्ति अपने हाथ-मुहँ को साफ एवं शीतल जल से धो कर ही अपने घर मे प्रवेश करते थे और उसके बाद खाना खाने से पहले साबुन से हाथ मुहँ, और कुल्ला कर दाँतो को अच्छी तरह अवश्य धोते थे, यह वह दौर हुआ करता जिस वख्त साबुन का चलन न के बराबर हुआ करता था क्यूंकि साबुन बहुत महंगी वस्तु हुआ करती थी इसलिये सीमित घरों में ही इसका प्रयोग हुआ करता था, उन दिनों एक ही साबुन “सनलाइट” से लोग अपने कपड़े और नहाने के लिये इस्तेमाल किया करते थे।

    सुसंस्कृत परिवारों के लोग खाना खाने और घर की महिलाएं खाना बनाने से पहले रेहू मिट्टी या केवल मिट्टी से दोनों हाथ के पंजों को आपस मे रगड़ कर स्वच्छ पानी से हाथ धोने के बाद मुहं में स्वछ जल भर कर अच्छी तरह से कुल्ला करके ही खाना खाते या बनाते थे।

    आज इस वायरस की महिमा से वह सारे पुराने पड़ चुके संस्कार व क्रिया कलापों को अपनाने के लिये मजबूर हुये हैं। आज हम मनुष्यों को फिर से एक बार अपनी आदतें और क्रिया-कलापों को फिर से एक बार बदलना पड़ेगा। इसी को कहते हैं कि समय अपने आप को दोहराता है। चलो कम से कम इस वाइरस की वजह से ही दुनिया के लोगों को विशेषकर हम भारतवासियों को पुनः अपने पुरातन स्वास्थ व्यवस्था को अपने रोज मर्रे की जिंदगी में अपनाने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है।

    जहां आज इसकी जरूरत महशूस की जाने लगी है। क्यूंकि जान है तो जहांन है और वहीं वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गैजशन की माने तो यह कॅरोना वायरस एक दम निर्मूल हो कर समाप्त नही हो पाऐगा ऐसे में इसका कुछ न कुछ अंश अवशेष इससे प्रभावित लोगों के शरीर मे बचा रहेगा जो समय समय पर दूसरे लोगों कभी भी अपने चपेट में ले सकता है ऐसे में इस वायरस से संक्रमित होने से अपने आप को बचाने के लिये हमेशा लोगों को स्वयं ही सावधनिया वर्तनी पड़ेगी। इस तरह कहा जाये तो हमारे मानव समाज के अनेको तरह के संस्कारें और आचारविचार के साथ ही अपने दिनचर्या को बदलने के लिये हमे मजबूर होना पड़ेगा।

    • प्रस्तुति: जी के चक्रवर्ती  

    Keep Reading

    paper leak

    पेपर लीक : कब तक ली जाएगी युवाओं के धैर्य की परीक्षा?

    A weeping Great Nicobar and a smiling 'Ego'!

    रोता हुआ ग्रेट निकोबार और मुस्कुराता हुआ अहम्!

    US attack off the Oman coast and diplomatic surrender: Is India's strategic autonomy merely a facade?

    ओमान तट पर अमेरिकी हमला और कूटनीतिक आत्मसमर्पण: क्या भारत की रणनीतिक स्वायत्तता एक छलावा मात्र है?

    Many writers are caught in a labyrinth of duties!

    कर्त्तव्यों के चक्रव्यूह में घिरे हैं कई कलमकार!

    Do not play vote-bank politics at the cost of internal security.

    आंतरिक सुरक्षा की कीमत पर वोटों की राजनीति न करें

    Sold taxi to save a girl's life; later, the true recipient of the gold medal was found.

    टैक्सी बेचकर बचाई लड़की की जान, फिर मिला गोल्ड मेडल का असली हकदार

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Historic first flight from Noida International Airport (Jewar): Farmers who gave up their land became the first passengers.

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से ऐतिहासिक पहली उड़ान: जमीन देने वाले किसान बने पहले यात्री

    June 15, 2026
    A Unique Campaign for Yoga Awareness: Vehicle Rally Held in Ashiana

    योग जागरुकता की अनोखी मुहिम, आशियाना में निकली वाहन रैली

    June 15, 2026
    Tragic incident in Shikohabad: Man shoots cancer-stricken wife, then kills himself.

    शिकोहाबाद में दर्दनाक घटना: कैंसर पीड़ित पत्नी को गोली मारी, फिर खुद को भी उड़ाया

    June 15, 2026
    The bitter truth about health insurance: No money during illness, just hassle.

    हेल्थ इंश्योरेंस का कड़वा सच: बीमारी में भी पैसा नहीं, बस परेशानी

    June 15, 2026
    paper leak

    पेपर लीक : कब तक ली जाएगी युवाओं के धैर्य की परीक्षा?

    June 15, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading