चौकीदार ग़द्दार नहीं वफादार है
भारत को विश्व शक्ति बनने के आसार देखकर हमसे द्वेष भावना रखने वाले चीन की गंदी कूटनीतिक चालें धराशायी हो जायेंगी। हमारा पड़ोसी मित्र नेपाल हमेशा भारत को बड़ा भाई मानता रहा है। भारत के प्रति नेपाल को चीन ज्यादा दिन तक भड़का नहीं सकता। मतभेदों की बर्फ जल्द पिघल जायेगी। किसी भी देश की जनता से सत्ता होती है, सरकार से जनता नहीं होती। नेपाल की जनता भारत के प्रति अद्भुत स्नेह रखती हैं। वो भारत को पराया नहीं अपना देश मानते हैं। भारत में अपना देश देखते हैं और अपने देश नेपाल में भारत को देखते हैं। लाखों नेपाली भारत में रोजगार पर लगे हैं, अधिकांश चौकीदार हैं। चौकीदारी वो पेशा है जो विश्वास की बुनियाद पर टिका होता है।

एक भारतीय और एक नेपाली के बीच गुफ्तगू की सीन कॉपी पढ़िये। पहले दृश्य में एक भारतीय नेपाल पर गुस्सा करता है, उसके बाद नेपाली के रिएक्शन पर ग़ौर कीजिएगा।
नेपाली चौकीदार से बेहद गुस्से में मुखातिब उसका भारतीय मालिक- “हमारे साथ गद्दारी तुम्हारे देश नेपाल की ही कमर तोड़ देगी। तुम अपने मूल स्वभाव से बाहर मत आओ। भोले-भाले, वफादार और ईमानदार ही रहो तो हम तुमसे चौकीदारी करवाते रहेंगे। तुम्हारी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा हमारी चौकीदारी है। चीन के बहकावे मे मत आओ। वो तुम्हें इस्तेमाल करेगा पर तुम्हारे काम नहीं आयेगा। तुम हमारे मित्र रहे हो, पड़ोसी हो और तुमने हमेशां हमें बड़ा भाई माना है। हम तुम्हारी ताकत हैं। हमने तुम्हें रोजगार दिया और तुमने हमें शाम..शाब कह कर बहुत ईमानदारी से हमारी चौकीदारी की है। जब हमारे देश ने चौकीदारी को विशिष्ट सम्मान का दर्जा दिया तो तुम किसी के बहकावे पर चौकीदार ना रहकर गद्दार हो गये !
पहले नया नक्शा पास करने की हिमाकत की। अब तुम्हारी पुलिस ने हमारे नागरिकों पर गोलियां बरसायीं।
अब नादानी छोड़ो ! वफादारी, मेहनत और ईमानदारी जैसे अपने मूल स्वभाव में आ जाओ। ज्यादा नक्शे मत पास कराओ नहीं तो तुम्हारा नक्शा मिट जायेगा। और भारत में एक राज्य बढ़ जायेगा। उत्तर प्रदेश से सटे भारत के नये राज्य का नाम होगा- चौकीदार प्रदेश।”
नेपाल की पुलिस द्वारा भारतीय नागरिकों पर गोली चलाने की ख़बर सुनकर मुझे गुस्सा आया था। गुस्से में मैंने अपने प्रिय नेपाली चौकीदार से जब उक्त तल्ख बातें कहीं तो वो बहुत भोलेपन से बोला –
शाब हमारा देश नेपाल शायद इस लालच में ही ये सब गुस्ताखियां कर रहा है कि उसे भारत का हिस्सा बना लिया जाये।
नेपाल भारत का हिस्सा बन जाये तो मज़ा आ जायेगा, हम ग़ैर देश के नहीं कहलायेंगे। फिर हम भी भारतीय कहलायेंगे। शाब, एक काम करो- आप बड़े पत्रकार हो, मोदी जी तक मेरी बात पंहुचा सकते हो। उनसे एक बात कहो। योगी जी उत्तर प्रदेश को खूब आगे बढ़ा रहे हैं, अच्छे कामों से उनका क़द बढ़ता जा रहा है। अब योगी जी के क़द के आगे यूपी छोटा लगने लगा है। मोदी जी चाह लें तो वो यूपी का आकार (क्षेत्रफल) और भी बढ़ा सकते हैं। भारत में नेपाल का विलय हो जाये, नेपाल उत्तर प्रदेश का ही हिस्सा बन जाये तो हम नेपालियों की किस्मत चमक जायेगी।
हमारी सोसाइटी का चहीता ये चौकीदार उत्साह में लगातार बोलता जा रहा था और मेरा उसपर गुस्सा प्यार में बदलता जा रहा था। वो आगे बोला- शाब, आपको मालुम नहीं मेरा दादा के बड़े भाई भारत में बड़े अफसर थे। मेरे दादा के पिता इलाहाबाद में एक सोसायटी में चौकीदारी करते थे। उनके एक बच्चे को एक भारतीय शाब ने गोद ले लिया था। वो बच्चा बड़ा होकर बड़ा अफसर बना। बस इसी तरह मोदी जी नेपाल को भी गोद ले लें।
अपने भोले-भाले चौकीदार की ये बातें सुनकर मैं उसे अब क्या जवाब देता। उसके खामोश होने के बाद मैं निरुत्तर था। मैंने लपक के उसे गले से लगा लिया, और सोचने लगा- कितने कमअक्ल हैं हम। किसी देश की हुकुमत की गुस्ताखियों से गुस्सा होकर हम बेवजह उस देश के हर नागरिक से नफरत करने लगते हैं।
सचमुच चौकीदार वफादार होता हैं, बरसों से हमारा इनपर भरोसा गलत नहीं था। एक नेपाली की भारत से मोहब्बत के जज्बात सुनकर लगने लगा कि नेपाल से हमारे रिश्तों पर जमी तल्खियों की बर्फ जल्द पिघल जायेगे। इस भोले-भाले मन के सच्चे चौकीदार की बातें सुनकर लगने लगा मित्र नेपाल का मन तो शुद्ध दूध सा है, चाइना ने इसपर बहकावे की खटास छिड़क दी है। कोई बात नहीं। थोड़ा वक्त गुजर जाने दो, ये भरोसे का दूध खोया बनकर हमारे रिश्तों की मीठी खीर का स्वाद बढ़ा देगा। वैसे भी हमारे हरफनमौला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कूटनीति की खीर पकाने में माहिर हैं।
– नवेद शिकोह






