काशी की गंगा आरती में शामिल हुए योगी
लखनऊ 29 मई 2024 : मुख्यमंत्री योगी आदितनाथ काशी के अस्सी घाट पर गंगा आरती में शामिल हुए। से उन्होंने काशी के नाथ, मां गंगा, मां अन्नपूर्णा व काशी के कोतवाल बाबा भैरव के चरणों में प्रणाम किया। वह नमो घाट से क्रूज पर सवार होकर अस्सी घाट पहुंचे। योगी ने काशी के विकास कार्यों को भी गिनाया। कहा कि, काशीवासियों का गौरव है कि वे वर्तमान और भावी पीढ़ी को बोल सकते हैं कि पांच सौ वर्षों का इंतजार जब हुआ, तब हम भी इसके साक्षी थे। काशीवासियों ने संसद में मोदी को पहुंचाया है, इसलिए वे ताल ठोककर कहें कि हमने अयोध्या, भारत और सनातन धर्म के गौरव को लौटाया है।
नरेन्द्र मोदी जी इसी अस्सी घाट पर फावड़ा लेकर आए थे। स्वच्छता का जो कार्यक्रम उन्होंने प्रारंभ किया था, वह आज आंदोलन बन गया है। काशी के घाट दुनिया के सबसे सुंदरतम आध्यात्मिक व सांस्कृतिक घाट माने जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अविरल व निर्मल गंगा की जिस परिकल्पना को साकार किया है, वह सनातन धर्मावलंबियों, उत्तर प्रदेश, भारतवासियों के लिए नया जीवन देने वाला है। काशी में चारों ओर फोरलेन की कनेक्टिविटी है। काशी का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्ततम एयरपोर्ट माना जाता है। देश के सबसे बड़े रोपवे का निर्माण काशी में होता है। काशी के देवालयों का कायाकल्प होता है।
मोदी जी ने कहा था कि मां गंगा हमारी आस्था की प्रतीक तो है ही, लेकिन इसे वाटर ट्रांसपोर्ट का बेहतरीन मॉडल भी करेंगे। जिससे इसकी अविरलता व निर्मलता को बनाने में मदद मिलेगी। नाविकों-लोगों के व्यापार को बढ़ाने के लिए जल ट्रांसपोर्ट का उपयोग करेंगे। अब यह साकार हुआ है। काशी मल्टीमॉडल टर्मिनल हब के रूप में विकसित हुआ है। गत वर्ष काशी से हल्दिया होते हुए दुनिया के सबसे बड़े क्रूज का संचालन हुआ। कैंट से बाबा विश्वनाथ तक पहुंचने के लिए रोपवे के माध्यम से कुछ ही मिनटों में दूरी पूरी होगी। इस वर्ष के अंत तक यह कार्य पूर्ण होगा।
काशी में इंफ्रास्ट्रक्चर व रेलवे का बेहतरीन मॉडल है। मीटर गेज पर छुक-छुक की स्पीड से चलने वाली नहीं, बल्कि नए भारत की नमो भारत, वंदे भारत व अमृत भारत ट्रेन काशी से देश के विभिन्न स्थानों तक चल रही है। काशी का एयरपोर्ट देश-दुनिया को जोड़ रहा है।
कैंट से बाबा विश्वनाथ तक पहुंचने के लिए रोपवे के माध्यम से कुछ ही मिनटों में दूरी पूरी होगी। इस वर्ष के अंत तक यह कार्य पूर्ण होगा।काशी ने विकास व विरासत का मॉडल प्रस्तुत किया है। काशी में विश्वनाथ धाम और अयोध्या में श्रीराम का धाम इसका उदाहरण है।
- दिलीप अग्निहोत्री







