मोदी-योगी दोनों के हैं अपने-अपने ऑपरेशन सिंदूर
महिलाओं का सिंदूर उजाड़ने वालों को मिट्टी में मिलाकर पहले ऑपरेशन सिंदूर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंजाम दिया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मिट्टी में मिलाने वाले ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पहलगाम के पीड़ितों को न्याय दिलाया।
योगी आदित्यनाथ का ऑपरेशन सिंदूर यूपी की बहन-बेटियों के मान-सम्मान,रक्षा-सुरक्षा और सिंदूर को चुनौती देने वाले माफियाओं के विरुद्ध था,जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने इसी तर्ज पर कश्मीर के पहलगाम में नाम पूछ कर हिन्दू महिलाओं के सामने उनके पतियों की हत्या करने वाले पाकिस्तानी आतंकियों को मिट्टी में मिलाकर ऑपरेशन सिंदूर के जरिए महिलाओं को न्याय दिलाया।
प्रयागराज से कौशांबी की चायल से समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले ही उम्मीद थी कि उनके पति के हत्यारों को सजा मिल जाएगी।
बात 2005 की है, पूजा की शादी की मेंहदी का रंग भी नहीं उतरा था कि उसकी मांग का सिंदूर उजाड़ दिया गया था। वक्त गुजरा लेकिन दर्द ठहरा हुआ था। योगी मुख्यमंत्री बने तो आशा की किरण दिखाई दी। हर कोई महिला पूजा पाल नहीं होती, या हर किसी का पति विधायक नहीं होता। उत्तर प्रदेश में सैकड़ों आम महिलाएं भी हैं जिनका सिंदूर यूपी के माफियाओं का आतंक उजाड़ चुका था। ऐसे दबे-कुचले अनगिनत दर्द एक योगी के मन मस्तिष्क को कचोट रहे थे। कभी जनता दरबार में तो कभी चिट्ठियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के सामने महिलाओं की फरियादें बुलंद होती थीं। महिलाएं गुंडे-माफियाओं के खौफ और जुल्म का शिकार ज्यादा हो रहीं थीं। किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने भाई,किसी ने पिता तो किसी ने पति। असुरक्षा का कारण माफियाओं का बरसों से स्थापित तंत्र था। 2017 के बाद ये सिलसिला थमा था, लेकिन बीच बीच में आतंक के सपोले फन उठा रहे थे। इस बीच एक दिन विधानसभा सत्र के दौरान जब मुख्यमंत्री सदन में भाषण दे रहे थे उस समय खबर आई कि प्रयागराज में अतीक अहमद गैग ने सरेआम उमेश पाल की हत्या कर दी। 2005 में बीएसपी विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह थे उमेश पाल।
राजू पाल की पत्नी पूजा पाल पहले ही मुख्यमंत्री योगी से विनती कर चुकी थीं कि वर्षों से उन्हें न्याय नहीं मिला। आशा है आप राजू पाल के हत्यारों को सजा दिलाकर न्याय दिलाएंगे।
समय गुजरा फिर एक दिन राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या की खबर सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी की बहन-बेटियों के सिंदूर के दुश्मन माफियाओं के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर का संकल्प भरी विधानसभा में लिया था। “मिट्टी में मिला दूंगा” नाम से चर्चित ये पहला ऑपरेशन सिंदूर योगी आदित्यनाथ के संकल्प का साकार रूप था। कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त अभियान और अनगिनत इनकाउंटर से यूपी की जनता को गुंडे माफियाओं से मिली राहत योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के बजट सत्र में माफियाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बहन-बेटियों की रक्षा का संकल्प लिया था। इस संकल्प को साकार करते हुए कई माफियाओं का खात्मा किया गया। दो साल बाद, यूपी विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्षी विधायक पूजा पाल ने सदन में कहा कि मेरे जैसी महिलाओं के साथ अन्याय करने वालों को सजा देकर न्याय दिलाने के लिए वे मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती हैं। विधायक केवल अपनी बात नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ उठाते हैं। इसीलिए पूजा पाल का यह धन्यवाद प्रदेश की उन असंख्य महिलाओं की ओर से भी था, जिन्हें न्याय, सुरक्षा और सम्मान प्राप्त हुआ।
महिलाओं के मान-सम्मान,रक्षा-सुरक्षा की भावना मोदी-योगी सरकारों से आधी आबादी का विश्वास जोड़ती रही है। एक दशक से अधिक समय से भाजपा देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष हो रहे हैं। देश में निरंतर सक्रिय संघ के विचारों से जन्मी भाजपा संघ की लाख कोशिशों के बाद भी कभी इतनी कामयाब नहीं हुई थी जितनी सफलता इधर करीब पिछले एक दशक में भाजपा को प्राप्त हुई। नरेंद्र मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना और करीब पौने चार दशक बाद यूपी में किसी मुख्यमंत्री द्वारा प्रचंड बहुमत के साथ निरंतर दूसरी बार सफलतापूर्वक कार्यकाल करना एक बड़ा रिकार्ड है।
भाजपा के जनाधार और चुनावी सफलताओं के तमाम कारण हैं। पर चुनावी आंकड़े बताते हैं कि आधी आबादी (महिलाओं) को मोदी-योगी की महिला सम्मान-सुरक्षा की भावना खूब भाती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑपरेशन सिंदूर नज़ीर है,जो भविष्य की सरकारों को महिलाओं के प्रति संवेदनशील होने का कर्तव्य याद दिलाता रहेगा।
- नवेद शिकोह







