शासन की कार्रवाई से जांच के दायरे में चल रहे अधिकारियों में हड़कंप
उपेन्द्र नाथ राय
उपमुख्यमंत्री के वाराणसी में किए गये विभागीय समीक्षा के दौरान अधीक्षण अभियंता के अनुपस्थित रहने पर शुक्रवार को तुरंत वहीं निलंबन की कार्रवाई। शनिवार को उन्नाव के उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शनिवार को उन्नाव के जिलाधिकारी देवेंद्र पाण्डेय को निलंबित करना। यह बताने के लिए काफी है कि अब सरकार किसी भी हालत में दोषियों को छोड़ने वाली नहीं है। यही नहीं 29 दिन के भीतर ही सरकार ने 42 अधिकारियों पर गाज गिरा दिया।
हर वक्त सिर्फ चेतावनी की बात को अधिकारियों द्वारा अनसुना करते देख सरकार ने जब सीधी कार्रवाई शुरू की तो हड़कंप मच गया। इस समय सीएम कार्यालय और सरकार के मंत्री एक्शन मोड में आ गये हैं। इस कार्रवाई में अब सरकार किसी दोषी को बख्शने वाली नहीं है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से लापरवाह व अन्य की जांच के दायरे में चल रहे अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

इससे पूर्व कई बार जांच की फाइल दबी रह जाती थी लेकिन इस बीच ताबड़तोड़ कार्रवाईयों ने यह बता दिया है कि किसी भी हालत में दोषियों पर कार्रवाई से सरकार हिचकने वाली नहीं है। सरकार के कार्रवाइयों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 24 जनवरी बदायूं कोषागार घोटाले में 13 अधिकारी निलंबित किये गये। वहीं 28 जनवरी आगरा डीडीओ शहीद के परिवारीजनों की सहायता राशि में गबन पर निलंबन के साथ ही बलिया में फर्जी शिक्षकों की भर्ती और वेतन भुगतान की विजिलेंस जांच के लिए सुपुर्द किया गया। 29 जनवरी को मीरजापुर के असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य को निलंबित किया गया। चार फरवरी को केस्को के एक्सईएन के खिलाफ केस की अनुमति दी गयी। वहीं पांच फरवरी को ट्रेनिंग असोसिएट भर्ती घोटाले में पूर्व वीसी बीबी सिंह व तीन अन्य के खिलाफ केस की अनुमति दी गयी।
छह फरवरी को चौधरी चरण सिंह विवि मेरठ के पूर्व कुलपति, कुलसचिव और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी गयी। 10 फरवरी को पीटीसी मेरठ में तैनात रहे पीपीएस अधिकारी और अमेठी के डीडीओ की बर्खास्तगी का आदेश दिया गया। 11 फरवरी को आयुर्वेदिक मेडिकल आफिसर बर्खास्त हुए। 14 फरवरी को पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को बर्खास्तगी का आदेश के साथ ही छह डीडीओ निलंबित किये गये। 21 फरवरी को वाराणसी में अधिशासी अभियंता सतीश चंद वर्मा द्वारा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बैठक में न आने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। 22 फरवरी की शाम को फंड घोटाले के आरोप में घिरे उन्नाव के डीएम देवेन्द्र पांडेय को निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।






