नेशनल हेराल्ड और यंग इंडिया को लेकर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की कार्रवाई जारी है। ईडी इस मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से पहले ही पूछताछ कर चुकी है और अब यंग इंडिया के दफ्तर का तलाशी अभियान भी चलाया है। यंग इंडिया के कार्यालय को बुधवार को तलाशी के बाद सील भी कर दिया गया था।
कांग्रेस के स्वामित्व वाले समाचार पत्र नेशनल हेराल्ड का मालिकाना हक इसी कंपनी के पास है। यंग इंडिया के प्रमोटरों और अधिकांश शेयरधारकों में सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी शामिल हैं। अपने बेटे की तरह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास भी कंपनी के 38 फीसदी शेयर हैं।
हेराल्ड हाउस की चार मंजिला इमारत के प्रथम तल पर ईडी ने अस्थाई सील लगा दी थी ताकि सबूत सुरक्षित रहें। ताला लगे होने और अधिकृत प्रतिनिधि के उपलब्ध नहीं होने के चलते एजेंसी पिछले दो दिनों से तलाशी नहीं ले सकी थी।
अधिकारियों ने कहा कि यंग इंडियन कार्यालय में तलाशी लेकर उपलब्ध संभावित सबूतों को एकत्र किया जाएगा। यह भी ध्यान रखने की बात है कि नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र का प्रकाशन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड एजेएल और इसका स्वामित्व रखने वाली कंपनी यंग इंडियन की ओर से किया जाता है। समाचार पत्र का कार्यालय एजेएल के नाम पर पंजीकृत है। इस तरह यह साफ है कि नेशनल हेराल्ड और यंग इंडियन आपस में घने रूप से जुड़े हुए हैं। ईडी इस मामले में अपनी जांच को इन्हीं पर केंद्रित किए हुए है।
यही कारण है कि कांग्रेस के नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ईडी की कार्रवाई को लेकर संसद में हंगामा भी हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए ईडी का दुरुपयोग किया जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और यह देखने की बात होगी कि यह कौन सी दिशा लेता है और इसके क्या नतीजे निकलते हैं।







