बीएड की खाली सीटें 10 रुपए के स्टॉम्प पेपर के सहारे भरी जाएंगी

0
624

लखनऊ। सूबे के विभिन्न बीएड कॉलेजों में मौजूदा समय में बीएड की करीब 40 हजार सीटें खाली रह गई है। इन सीटों को भरने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों को एक नायाब फॉर्मूला दिया है। खाली सीटों को भरने के लिए सभी कॉलेजों को दस रुपए के स्टॉम्प पेपर पर यह लिखकर देना होगा कि उन्होंने 15 जुलाई तक सभी सीटों पर प्रोविजनल एडमिशन कर लिया था, साथ ही छात्रों की फीस भी निर्धारित तिथि तक जमा करा लिया गया था। लविवि के इस फॉर्मूले से उन कॉलेजों को काफी मदद मिल जाएगी। उन्होंने 15 जुलाई के बाद बाद एडमिशन लिया होगा। राज्य स्तरीय बीएड प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही लखनऊ विश्वविद्यालय ने मंगलवार को इस पूरे मामले पर एक हाई पॉवर एडवाइजरी कमेटी की बैठक बुलाई थी, जिसमें यह फॉर्मूला सभी कॉलेजों को दिया गया है।
एडवाइजरी कमेटी ने खाली सीटों के मामले को निपटाने और कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना न हो इसके लिए यह यह फॉर्मूला निकाला है। इसके तहत कॉलेजों को दस रुपए के स्टॉम्प पेपर पर लिखकर देना होगा कि सभी एडमिशन 15 जुलाई से पहले प्रोविजनली कर लिया गया था। साथ ही फीस रसीद की एक कापी देना होगा, जो 15 जुलाई तक फीस जमा कराने की होगी. इसके बाद ही लखनऊ विश्वविद्यालय इन कॉलेजों के ओर से खाली सीटों को भरने के लिए किए गए डायरेक्ट एडमिशन को मान्य करेगा। यह दोनों दस्तावेज सभी कॉलेजों को जल्द से जल्द लखनऊ विश्वविद्यालय में जमा करना होगा।
वहीं दूसरी ओर लखनऊ विश्वविद्यालय ने 15 जुलाई तक जिन कॉलेजों ने डायरेक्ट एडमिशन का रिकार्ड एलयू को ोजा है। वह सभी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से वेरीफाई कर लिया गया है। ज्ञात हो कि एलयू प्रशासन ने 10 जुलाई से 15 जुलाई तक सभी कॉलेजों को अपनी बीएड कॉलेजों की खाली सीटों को भरने डायरेक्ट एडमिशन का मौका दिया था। प्रदेश में इस बार बीएड कॉलेजों में करीब 53 हजार सीटें पांच चरण की काउंसिलिंग के बाद भी खाली रह गया था. इसके बाद मिले डायरेक्ट एडमिशन के तहत निर्धारित समय में केवल 13 हजार के आसपास सीटें ही भरी जा सकी थी, इसके बाद 40 हजार सीटें खाली रह गई थी। इनको भरने के लिए एलयू ने शासन से एडमिशन के लिए 20 जुलाई तक का टाइम मांगा था, जो उसे मिला नहीं, इसके बाद यह सीटें खाली रह गई थी। इन्हीं सीटों को भरने  के लिए कॉलेजों की ओर से एलयू पर काफी दबाव था।
बीएड एडमिशन कोआॅर्डिनेटर प्रो. नवीन खरे ने बताया कि छह जून को एक लाख 44 हजार सीटों पर एडमिशन काउंसिलिंग शुरू हुई थी। कई कॉलेजों ने सब्जेक्ट चेंज किया और कोर्ट से आॅर्डर ले आए, जिससे उनकी सीटों को भी काउंसिलिंग में शामिल किया गया। जिससे सीटों की संख्या एक लाख 94 हजार से अधिक हो गई।