सियासी बवाल गहराया: सोशल मीडिया पर सपा समर्थकों में ख़ुशी का माहौल
नोएडा, 29 जुलाई 2025: समाजवादी पार्टी (सपा) की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी की नोएडा के एक न्यूज चैनल के स्टूडियो में सपा कार्यकर्ताओं द्वारा पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हंगामा मचा दिया है।
क्या था पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब मौलाना साजिद रशीदी ने एक टीवी डिबेट शो में डिंपल यादव के दिल्ली संसद मार्ग मस्जिद दौरे के दौरान उनके पहनावे पर अभद्र टिप्पणी की। मौलाना ने डिबेट के दौरान कहा, “मस्जिद में दो मोहतरमाएं थीं, एक इकरा हसन ने सिर ढक रखा था, लेकिन डिंपल यादव की पीठ की तस्वीर देखिए, वह बिना सिर ढके बैठी थीं।” इस टिप्पणी को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी आक्रोश फैल गया। कई लोगों ने इसे महिला सम्मान के खिलाफ और अपमानजनक करार दिया।
इस बयान के बाद लखनऊ के विभूतिखंड थाने में सपा नेता प्रवेश यादव की शिकायत पर मौलाना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धाराओं 79, 196, 197, 299, 352, 353 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही, सपा और हिंदूवादी संगठनों ने मौलाना की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कई जगह प्रदर्शन किए।
डिबेट में हिस्सा लेने पहुंचे नोएडा में पिटाई की घटना
29 जुलाई 2025 को नोएडा के सेक्टर-126 स्थित एक निजी न्यूज चैनल के स्टूडियो में मौलाना साजिद रशीदी एक डिबेट में हिस्सा लेने पहुंचे थे। डिबेट के दौरान सपा कार्यकर्ता मोहित नागर और अन्य समर्थकों ने मौलाना को घेर लिया और उन पर थप्पड़ों की बौछार कर दी। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ युवक मौलाना को थप्पड़ मारते हैं, जबकि अन्य लोग बीच-बचाव की कोशिश करते हैं। इस हमले में सपा की अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव श्याम सिंह भाटी और छात्रसभा के प्रदेश सचिव प्रशांत भाटी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
ऐसे लोग न धर्मगुरु हैं, न किसी धर्म के ठेकेदार : सपा सांसद
इस घटना ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। सपा सांसद इकरा हसन ने मौलाना की टिप्पणी को “शर्मनाक” बताते हुए कड़ी कार्रवाई और सामाजिक बहिष्कार की मांग की। उन्होंने कहा, “ऐसे लोग न धर्मगुरु हैं, न किसी धर्म के ठेकेदार। किसी महिला पर ऐसी टिप्पणी का उन्हें कोई अधिकार नहीं।”
वहीं, डिंपल यादव ने एनडीए सांसदों के संसद भवन में उनके समर्थन में किए गए प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा, “अच्छा होता अगर मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं पर भी सत्तापक्ष इसी तरह खड़ा होता।”
भाजपा ने इस मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, “डिंपल यादव की अपनी पार्टी और उनके पति क्यों चुप हैं?” बीजेपी एमएलसी सुभाष यदुवंश ने लखनऊ में पोस्टर लगवाकर अखिलेश पर निशाना साधा, जिसमें लिखा था, “पत्नी के अपमान पर चुप रहने वाले, प्रदेश की बहन-बेटियों की सुरक्षा क्या करेंगे?”
मौलाना का दावा मैंने कोई अमर्यादित बयान नहीं दिया
मौलाना साजिद रशीदी ने दावा किया कि उन्होंने कोई अमर्यादित बयान नहीं दिया और उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैं मुसलमान हूं, इसलिए मेरे खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।”
पिटाई की घटना की जांच शुरू
सपा ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे सुनियोजित हमला करार दिया और कहा कि डिंपल यादव का अपमान हुआ, लेकिन इसका जवाब कानूनी दायरे में होना चाहिए था। पार्टी कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि वे अपनी नेता के सम्मान पर आंच नहीं सहेंगे। पुलिस ने नोएडा में हुई पिटाई की घटना की जांच शुरू कर दी है, जबकि लखनऊ में पहले से दर्ज एफआईआर के तहत कार्रवाई जारी है।
बता दें कि यह मामला न केवल डिंपल यादव के सम्मान से जुड़ा है, बल्कि महिला गरिमा और सियासी नैतिकता पर भी सवाल उठा रहा है। मौलाना की टिप्पणी और उसके बाद की हिंसक प्रतिक्रिया ने समाज में तनाव बढ़ा दिया है। यह घटना सियासी और सामाजिक बहस का केंद्र बन चुकी है, जिस पर आने वाले दिनों में और चर्चा होने की संभावना है।







