Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, August 7
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»उत्तर प्रदेश

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    ShagunBy ShagunAugust 7, 2026 उत्तर प्रदेश No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 0

    देवेश पांडेय

    गोण्डा जनपद के सेमरा कॉलोनी के पास एक स्थान है बारागांव इसी स्थान पर ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ दुर्गा की शक्ति। उस समय इस स्स्थान पर खैर प्रजाति के पेड़ों का घना जंगल हुआ करता था। खैरा भवानी मन्दिर को लेकर लोककथा प्रचलित है कि इस स्थान पर बलरामपुर के लिए जाने वाली रेलवे लाइन डाली जा रही थी। यह बात है लगभग 150 से 200 वर्ष पूर्व की। अंग्रेज इंजीनियर दिन भर रेलवे लाइन बिछाने का काम कर रहे थे और रात के बाद जब दूसरे दिन आगे का काम करने के लिए आते थे तो एक दिन पूर्व बिछायी गया पूरा का पूरा रेलवे ट्रैक उस स्थान से काफी दूर पड़ा मिलता था। यह घटनाक्रम कई दिनों तक इसी प्रकार चलता रहा। अंग्रेजों ने यहाँ रेलवे लाइन बिछाने के अनगिनत प्रयास किये, लेकिन सब के सब बेकार साबित हुए। जब रेलवे लाइन डालने का काम चल ही रहा था तभी अचानक रेलवे लाइन डालने के स्थान पर भूमि के भीतर से एक ज्योति पुंज प्रकट हआ। काम में लगे मजदूुर जब उसके पास पहुंचे तो वो अदृश्य हो गया। यह सिलसिला यूं ही कई बार और कई दिनों तक चलता रहा। पहले तो रेलवे इंजीनियर और इस ज्योति पुंज को भ्रम अथवा मरीचिका समझकर अनदेखी करते रहे, लेकिन जब हर बार रेलवे लाइन के उखडऩे और थोड़ी दूर पर पूरी की पूरी लाइन पहुंच जाने का सिलसिला बन्द न हुआ तो उन्होंने इसे लेकर धार्मिक विद्वानों पंडितों से सम्पर्क किया।

    धार्मिक विद्वानों और पण्डितों ने स्वयं उस स्थान पर जाकर देखने की बात कही। अंग्रेज अधिकारी व्यवस्था करके उन धार्मिक विद्वानों और पण्डितों को उस स्थान पर ले गये। धार्मिक विद्वानों और पण्डितों ने सम्पूर्ण व्यवस्था करवाकर और पूजन सामग्री मंगवाकर वहां पर पूजा-पाठ किया। पूजा-पाठ चल ही रहा था कि उस स्थान पर बड़ा सा एक प्रकाश पुंज प्रकट हुआ। तभी अचानक घण्टों और घडिय़ालों के बजने का आभास हुआ। ऐसा लग रहा था कि हजारों-लाखों घण्टे एक साथ बज रहे हों। कानों के परदों को फाड़ डालने जैसी घण्टों की प्रलंयकारी ध्वनि सुनकर वहां उपस्थित सभी कर्मचारी और अधिकारी भयभीत हो गये और जिसकों जहां मिला उधर की ओर भागने लगा। तभी किसी शेर की दहाड़ की ध्वनि ने तो लोगों के शरीरों का रक्त ही सुखा दिया। वे लोग जिधर की ओर भाग रहे थे उसी ओर से शेर की गर्जना सुनायी पड़ रही थी।Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    परिणाम स्वरूप सब के सब पलटकर पुन: उसी स्थान पर आ गये। भय की इस स्थिति के चलते कई लोग तो बेहोश हो गये। तभी अचानक बहुत तेज किन्तु कानों को सुखद अनुभव कराने वाली किसी महिला के खिलखिलाकर हंसने की ध्वनि सुनायी पड़ी। यह ध्वनि भी वहां उपस्थित लगभग सभी लोगों को सुनायी पड़ी। सभी लोग लगभग ठिठक से गये और उस ध्वनि को ध्यान से सुनने लगे। उस समय जो वहां के वातावरण में महिला की ध्वनि उभर रही थी, उसके अनुसार किसी को भी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। वह उनकी रक्षक हैं, भक्षक नहीं। वह माँ दुर्गा का ही एक स्वरूप हैं जिसे भविष्य में खैरा देवी के नाम से जाना जायेगा। इसके बाद तो वहां का सम्पूर्ण वातावरण में भय और आशंका की कोई स्थान न रहा। सबके सब झूम उठे। वातावरण में एक बार फिर वही ध्वनि उभरी। देवी ने कहा, ‘मैं खैरा देवी हूं, दुर्गा का एक स्वरूप। वह किसी को भी किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुचायेंगी, वह उन सब की माँ हैं, कोई माँ अपने पुत्रों को नुकसान कैसे पहुंचा सकती है, संभवत: दुनिया की कोई भी माँ ऐसा नहीं करेगी।’ थोड़ा सा रुकने के बाद एक बार फिर वही ध्वनि वातावरण में उभरी। माँ ने कहा, ‘यह स्थान मेरा है, इस कारण बारम्बार रेलवे ट्रैक उखड़ जाता है। इसलिए इस स्थान पर रेलवे ट्रैक बनाने का हठ छोडक़र थोड़ी दूर पर रेलवे ट्रैक बिछाओ, सारा काम बिना किसी बाधा के निपट जायेगा।’ इसके साथ ही वहां पर खैर प्रजाति के वृक्षों जंगल में एक पेड़ के नीचे दिखने वाला वो ज्योति पुंज भी स्वत: ही गायब हो गया।

    ऐसा भी कहते हैं उस दैविक घटना से पूर्व एक अंग्रेज अफसर को रात्रि में सोते समय स्वप्न में माँ दुर्गा दिखायी दी थीं। माँ ने उस अंग्रेज अफसर से भी लगभग यही बात कही थी। माँ ने उस अ्रग्रेज अफसर से स्वप्न में कहा कि मैं खैरा देवी हॅंू, जिस स्थान पर रेलवे ट्रैक डाला जा रहा है, वो स्थान मेरा है, इसलिए रेजवे ट्रैक इस स्थान से थौड़ा हटकर डाला जाये तो रेलवे ट्रैक डालने का सम्पूर्ण कार्य बिना किसी बाधा के निपट जायेगा। अंग्रेज अफसर ने जब स्वप्न में माँ खैरा देवी के आने की बात जब अन्य अफसरों को बतायी तो सबने यही सुझाव दिया कि रेलवे ट्रैक अब इस् स्थान पर नहीं बिछाया जायेगा। अब ट्रैक को बिदाने का कार्य इस स्थान से हटकर किया जायेगा ताकि माँ की आन भी बनी रहे और ट्रैक डालने का काम भी पूरा हो जाये। बाद में ऐसा ही किया गया। दूसरे स्थान पर ट्रैक बिछाने से सारा कार्य निर्बाध रूप से सम्पन्न हो गया। बाद में अंग्रेज अफसरों ने ही उस स्थान पर ऐ छोटा सा मन्दिर भी बनवा दिया। कहाजा है कि इस प्रकार यहां पर खैरा देवी मन्दिर का निर्माण हुआ। बाद में कई बार इस मन्दिर का जीर्णोद्घार किया गया। आज इस मन्दिर का स्वरूप बिल्कुल बदल गया है। पहले से कहीं अधिक विशाल और भव्य मन्दिर परिसर बन गया है।

    मन्दिर के भीतर जानेें जाने के लिए एक ही दरवाजा है। इसी से सभी भक्त मन्दिर के भीतर प्रवेश करते हैं। यहां पर माँ की ज्योति के साथ भीतर कई अन्य देवी-देवताओं के मन्दिर भी हंै। देवी के विभिन्न स्वरूपों की प्रतिमाएं मन्दिर के भीतर विराजमान हैं। भगवान शंकर, हनुमान, काल भैरव के अलावा अन्य देवी-देवताओं की एक साथ ही इस मन्दिर परिसर में पूजा होती है। इससे मन्दिर में भक्ति की अद्भुत छटा बिखरी दिखायी देती है। खैरा भवानी मन्दिर की कारण ही इस गांव का भी नाम खैरा पड़ा। बातचीत के दौरान मन्दिर के महंत कौशल नारायण गिरी बताते हैं कि इस मन्दिर का इतिहास काफी रोचक है। 500 साल पहले यहां घना जंगल हुआ करता था। यहां पर खैर प्रजाति की वनस्पति के वृक्ष हुआ करते थे। यह भी कहा जाता है कि यहां पर भगवान भोलेनाथ और माँ पार्वती का भ्रमण हुआ था। पार्वती जी का स्थान भी खैर ही बताया जाता है और भगवान भोलेनाथ का स्थान दुखहरण नाथ में है।

    मन्दिर के बगल में एक पोखरा भी है जिसमें हमेशा पानी भरा रहता है। कहा जाता है कि पानी निकलने के लिए इसमें सात कुंए मौजूद हैं। इन्ही कुओं का जल सदैव ही इस पोखर में बना रहता है। मन्दिर में प्रवेश करने से पहले लोगों को पोखरे के पानी से आचमन करना होता है। मन्दिर के पुजारी कैलाश नाथ गिरि का कहना है कि देवी ज्योति के रूप में प्रकट हुई थी, इसलिए यहां पर एक ज्याति सदैव ही जलती रहती है। यहां पर नवरात्र के अलावा भी हर समय मेले जैसा माहौल रहता है। नवरात्र के अवसर पर होने वाली भीड़ को देखते हुए यहां पर सुरक्षा व अन्य विशेष प्रबंध किये जाते हैं ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    Shagun

    Keep Reading

    Monsoon arrives! Weather in UP to change in 3-4 days; major relief from heat and humidity expected.

    यूपी में मानसून सक्रिय, अगले चार दिनों तक दक्षिणी इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    Carrying forward the fight for farmers' interests is the true tribute to Satya Pal Malik: Sunil Singh

    किसान हितों की लड़ाई को आगे बढ़ाना ही सत्यपाल मलिक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि: सुनील सिंह

    Tribute to MLA Umashankar Singh

    विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि

    Our government paved the way for development by bringing electricity to 1.5 lakh hamlets: A. K. Sharma.

    हमारी सरकार ने डेढ़ लाख मजरों तक बिजली पहुंचाकर विकास का राह किया आसान : ए. के. शर्मा

    People grappling with the unending problem of adulteration.

    मिलावट की अंतहीन समस्या से झूझते लोग

    Open gym inaugurated at Khun Khun Ji Girls' College; students receive a fitness gift.

    खुन खुन जी गर्ल्स कॉलेज में खुला ओपन जिम, छात्राओं को मिला फिटनेस का तोहफा

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    August 7, 2026
    SRK Music's Bhojpuri films are now available on JioHotstar.

    SRK Music की भोजपुरी फिल्में अब JioHotstar पर उपलब्ध

    August 7, 2026
    Monsoon arrives! Weather in UP to change in 3-4 days; major relief from heat and humidity expected.

    यूपी में मानसून सक्रिय, अगले चार दिनों तक दक्षिणी इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    August 6, 2026
    Carrying forward the fight for farmers' interests is the true tribute to Satya Pal Malik: Sunil Singh

    किसान हितों की लड़ाई को आगे बढ़ाना ही सत्यपाल मलिक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि: सुनील सिंह

    August 6, 2026
    Tribute to MLA Umashankar Singh

    विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि

    August 6, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading