राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में जूनियर और सीनियर वर्ग के 20 प्रोजेक्ट टॉप-10 में शामिल, बच्चों ने स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान पेश कर दिखाई प्रतिभा
बाराबंकी। विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में बाराबंकी के स्कूली बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के तहत सागर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में आयोजित जनपदीय विज्ञान प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में जूनियर और सीनियर वर्ग के उत्कृष्ट 20 प्रोजेक्ट्स को टॉप-10 में स्थान मिला। इनमें से छह सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चुने गए हैं। दोनों वर्गों से तीन-तीन प्रोजेक्ट वाराणसी में 27 से 29 नवंबर तक होने वाली प्रतियोगिता में बाराबंकी का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ रखा गया था। इसमें बच्चों ने स्थानीय समस्याओं को पहचानकर उनके वैज्ञानिक विश्लेषण और संभावित समाधान पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन वैज्ञानिक सोच, शोध पद्धति, नवाचार और उपयोगिता के आधार पर किया।
समारोह के मुख्य अतिथि बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान, लखनऊ के निदेशक प्रो. एम.जी. ठक्कर रहे। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक और प्रख्यात बाल वैज्ञानिक डॉ. चन्द्रमोहन नौटियाल सहित विज्ञान एवं शिक्षा जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं।
चयनित बाल वैज्ञानिकों को मेडल, स्मृति चिह्न और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि मूल्यांकनकर्ताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। परिणामों की घोषणा जिला पर्यवेक्षक चन्द्रशेखर काण्डपाल और जिला एकेडमिक को-ऑर्डिनेटर डॉ. सुजीत चतुर्वेदी ने की।
जिला समन्वयक अजय कुमार मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है। बाराबंकी के छह प्रोजेक्ट्स का राज्य स्तर के लिए चयन होना पूरे जनपद के लिए गौरव की बात है।
कार्यक्रम का आयोजन सागर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सहयोग से किया गया। इसमें संस्थान की चेयरपर्सन मधु अग्रवाल, महासचिव मानस झुनझुनवाला, निदेशक डॉ. जे.बी. सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।







