भारत के बाहर भी कई देशों की सोलर की दरों का उपभोक्ता परिषद ने किया खुलासा
पावर कार्पोरेशन से निरस्तीकरण का नोटिस पाने वाले अडानी ग्रीन सहित सभी 6 निजी घरानों ने आयोग में दाखिल की याचिका और रू0 7.02 प्रति यूनिट में बिजली देने की भरी हामी
निजी घरानों के सोलर पावर की महंगी दरों की सीबीआई जांच क्यों जरूरी उपभोक्ता परिषद ने पेश किये तर्क और देश के अनुकों राज्यों के बिडिंग रूट की दरों का किया खुलासा
लखनऊ 23 नवंबर। उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा निजी घरानों के सोलर पावर बिडिंग की नई टैरिफ को रू0 7.02 प्रतियूनिट तय होते ही जहां हंगामा मचा है वहीं 6 निजी घराने जिनको निरस्त करने की नोटिस पावर कार्पोरेशन द्वारा दी गयी थी उसमें अडानी ग्रीन सहित सभी निजी घराने रू0 7.02 प्रतियूनिट में बिजली देने के लिये भरी अपनी हामी और आयोग में दाखिल की अपनी याचिका वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता परिषद ने एक बड़ा खुलासा करते हुये कहा कि पूरे देश में वर्ष 2012 के बाद बिडिंग रूट के तहत सोलर पावर की जो दरें सामने आयीं उसमें उप्र की सोलर की दरें सबसे ज्यादा क्यों है?
यह गम्भीर जांच का मामला है उप्र सरकार को इस गम्भीर मामले पर अविलम्ब जनहित में कदम उठाना चाहिए। उप्र में चाहे बिडिंग रूट का मामला हो यह एओयू रूट का मामला हो निजी घरानों के उत्पादन गृहों की मंहगी बिजली की वजह से प्रदेश के उपभोक्ताओं को उसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है जो अपने आप में सोचनीय है उपभोक्ता परिषद देश के सोलर पावर की दरों का जो रूझान आज जनता के सामने ला रहा है वह स्वतः सिद्ध कर देंगे की मामले की सीबीआई जांच कराया जाना आवश्यक है और इस हाई प्रोफाइल प्रकरण पर उपभोक्ता परिषद माननीय मुख्यमंत्री जी से हस्तक्षेप की मांग करता है।

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौसिंल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि देश के सभी राज्यों में उप्र राज्य में ही क्यों सोलर पावर की बिडिंग रूट की दरें सबसे ज्यादा हैं इस बात पर उत्तर सरकार व ऊर्जा विभाग को सोचना होगा एक तरफ पूरे देश में सोलर की दरोें में कमी आ रही उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है जो अपने आप में गम्भीर मामला है विगत में भारत के बाहर देशा में भी सोलर की दरें बहुत कम हो गयी हैं अबुधाबी में मई, 2016 में सोलर की दरें यूएस सेंट 2.99 प्रति यूनिट वहीं दुबई में मई, 2016 में यूएस सेंट 1.99 प्रतियूनिट चिली अगस्त, 2016 में यूएस सेंट 2.99 प्रतियूनिट और मैक्सिको अक्टुबर, 2016 में यूएस सेंट 2.70 प्रतियूनिट सामने आयी है, जो अपने आप में यह सिद्ध करता है कि उत्तर प्रदेश में सोलर पावर की दरें बहुत ज्यादा है जिसकी सीबीआई जांच कराया जाना अतिआवश्यक है।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने पावर कार्पोरेशन पर करारा हमला बोलते हुये कहा कि पूरे प्रदेश में अनेकों उपभोक्ताओं द्वारा सोलर रूफ टाप के तहत अपने घरों पर 1 से 5 किलो वाट व उससे अधिक के सिस्टम लगाये गये हैं लेकिन उसका समायोजन उपभोक्तओं को आसानी से नहीं हो रहा है और वह बेहद परेशान है उनकी नेट मिटरिंग को लेकर रोज बवाल मचा है उससे बेखबर निजी घरानों की सोलर पावर की महंगी बिजली खरीदने की जुगत हो रही है।







