लखनऊ । उप्र सरकार ने माना है कि उसके सेवायोजन पोर्टल पर 17 लाख 96 हजार 808 बेरोजगार पंजीकृत हैं लेकिन सरकार ने इन्हें बेरोजगारी भत्ता देने से इनकार कर दिया है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन समाजवादी पार्टी के सदस्य नितिन अग्रवाल व निर्दलीय सदस्य अमन मणि त्रिपाठी द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित उत्तर में प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रदेश के सेवायोजन पोर्टल पर 30, नवम्बर 2017 तक कुल पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 1796808 है। उन्होंने इन बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने से स्पष्ट इनकार किया है। उन्होंने कहा कि सेवायोजन विभाग द्वारा सेवायोजन कार्यालयों को अधिसूचित रिक्तियों के सापेक्ष कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगार अभ्यर्थियों के नाम नियोजकों को भेजे जाते है। निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के सेवायोजन कार्यालयों द्वारा रोजगार मेलों के माध्यम से बेरोजगारों को इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाते हैं, साथ ही कैरियर काउन्सिलिंग कार्यक्रमों का आयोजन कर बेरोजगार अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसरों के अनुरूप विषय चयन में सहायता एवं रोजगार बाजार में उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्रदान की जाती है।







