जजों का मामला सुलझा, न्यायपालिका एक परिवार की तरह है,जिसका उद्देश्य न्याय तंत्र की गरिमा को बचाना है
नई दिल्ली, 15 जनवरी। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे गतिरोध की समाप्त होने के संकेत सोमवार सुबह को ही मिल गए। अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने जानकारी दी। मिश्रा ने कहा कि यह जजों का आंतरिक मामला था, जिस सुलझा लिया गया है।इसके न्यायपालिका की छवि को धक्का लगने जैसी कोई बात नहीं है। मिश्रा ने कहा, बार काउंसिल को खुशी है कि जज अपने काम पर लौट गए हैं। हमने कभी किसी सम्माननीय जज के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की।
बार काउंसिल की प्राथमिकता थी कि इस विवाद को जितनी जल्दी हो सके सुलझाया जाए। सभी सम्माननीय जजों ने आपसी सहमति और विचार-विमर्श से मुद्दा सुलझा लिया है। कोर्ट सामान्य दिनों की तरह चल रहे हैं।’ मिश्रा ने कुछ वकीलों द्वारा जजों की आलोचना और कार्रवाई की मांग को गलत ठहराया। उन्होंने कहा, ‘देश में 15 लाख से अधिक वकील हैं। ऐसे में किसी एक की ऐसी बेतुकी मांग का समर्थन बार काउंसिल नहीं कर सकता। न्यायपालिका एक परिवार की तरह है,जिसका उद्देश्य न्याय तंत्र की गरिमा को बचाना है। हमने किसी जज के खिलाफ कोई आपत्तिजनक भाषा,किसी कार्रवाई की मांग नहीं की थी।
बता दें कि सोमवार को सुबह ही सभी जजों ने चाय पर चर्चा की। इस दौरान स्टाफ को भी वहां रहने की अनुमति नहीं थी। इसके बाद चीफ जस्टिस से जब मीडिया और वकीलों ने गतिरोध के बारे में सवाल किए तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। चीफ जस्टिस मीडिया के सवालों पर मुस्कुराते हुए अपने कक्ष की ओर चले गए।







