राजस्थान से दिलीप रॉय शर्मा की रिपोर्ट
पिछले पखवारे में दो मामले उजागर हुए, जी,आर.पी.ने जब्त की चारकिलो चरस
दोनों मामलों के तार दरगाह इलाके के मादक पदार्थ तस्करों से जुड़े
अजमेर. अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करों के लिए अजमेर एक बार फिर से ट्रांजिट प्वाइंट बन गया है और पिछले एक पखवारे के दौरान चरस की खेप के साथ गिरफ्तार दो तस्करों के बयान चौकाने वाले हैं । चरस सहित पकडे गए तस्करी के दोनों आरोपियों ने स्वयं को तस्करों का कूरियर बताते हुए जानकारी दी है कि मादक पदार्थों के तस्कर दरगाह थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकोंमें सक्रिय हैं।
अजमेर में गत पखवारे के दौरान चरस की खेप के साथ पकडे गए दोनों आरोपियों ने खुद को मादक पदार्थों के तस्करों का कूरियर बताते हुए बयान दिया कि, मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त तस्कर दरगाह थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में सक्रिय हैं। हिमांचल तथा अन्य राज्यों से चरस की खेप अजमेर पहुचाई जा रही है और यहाँ से दूसरे राज्यों को माल सप्लाई किया जा रहा है | पकड़े गये आरोपियों के बयानों के आधार पर पुलिस शहर के विभिन्न क्षेत्रों में तस्करों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

अजमेर में हैं तस्करों के कई ठिकाने
चरस,गांजा,अफीम,सहित अन्य मादक पदार्थों की नाजायज खरीद-फरोख्त हेतु अजमेर शहर के दरगाह क्षेत्र में स्थित अंदरकोट,तारागढ़ रोड,शीशाखानपीर रोड,जालियांन कब्रिस्तान ,नयी सड़क क्षेत्र में कई ठिकाने आबाद बताये जा रहे हैं, । अजमेर से मात्र 8 किलोमीटर दूर स्थित विश्व विख्यात । पुष्कर नगरी में भी विदेशियों को चरस,गांजा,तथा अन्य दुसरे मादक पदार्थों की आपूर्ती किये जाने के मामले उजागर हुए हैं ,साथ ही धर्मनगरी पुष्कर में चरस,गांजा,और स्मेक की खेप कई बार पकड़ी गयी है|\गौर तलब है कि,लगभग 15 वर्ष पहले करोणों रूपये की ब्राउन शुगर की सप्लाई अजमेर से गुजरात होने के नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
नशे की गिरफ्त में फंस कर करते हैं गंभीर अपराध
चरस ,अफीम.,गांजे,और स्मेक के नशे में लिप्त अनगिनत युवक अपराध करने में भी गुरेज़ नहींकरते हैं।अजमेर में भी चेन स्नेचिंग,वाहन चोरी ,लूट ह्त्या जैसे प्रकरणों में पकडे गये अनेक आरोपियों ने नशे का आदी होना कबूल किया है । विगत दो वर्षों में दरगाह इलाके के अंदरकोट ,जालियांन कब्रिस्तान ,क्षेत्र में नशेड़ियों के बीच हुए झगड़ों में तथा कूड़े-कचरे बीनने वालों द्वारा ह्त्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने के मामले प्रकाश में आये हैं ।
दरगाह जियारत को आये युवक को बनाया कूरियर
करीब दस दिन पूर्व स्थानीय रेलवे स्टेसन पर 2 किलो चरस के साथ पकडे गये युवक ने पुलिस द्वारा की गयी पूंछ-ताछ के दौरान बताया कि,वह दरगाह जियारत के लिए आया था ,जहां एक व्यक्ति ने उसे अगरबत्ती का पार्सल पाली जिले के सवाई बाँध स्थित दरगाह में पहुचाने के लिए दिया था ,और इस कार्य के लिए उसे पांच हज़ार रूपये बतौर मेहनताना दिया गया था। आरोपी पाली जिले में सवाई बाँध निवासी इस्तियाक खान के बयान के आधार पर जी.आर.पी. थाना पुलिस अजमेर में मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क के बारे में जांच पड़ताल कर रही है । आरोपी के बयान से यह बात उजागर हुयी कि,दरगाह इलाके में मादक पदार्थ तस्करों का ‘ट्रांजिट प्वाइंट’है । यहाँ दुसरे राज्यों से चरस,गांजा,और अन्य मादक पदार्थों की खेप मंगाई जा रही है और अन्य शहरों के तस्करों को सप्लाई की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर से अजमेर लाया चरस की खेप
स्थानीय रेलवे स्टेशन पर गत बुद्धवार को 2 किलो चरस के साथ पकडे गये बिहार के चम्पारण निवासी अवध बिहारी ने अपने बयान में बताया कि, वह जम्मू-कश्मीर से चरस ले कर अजमेर आया था।यहाँ से यह खेप गुजरात के तस्करों को सप्लाई की जानी थी | जी.आर.पी. थाना प्रभारी संपतराज़ के मुताबिक़ ,आरोपी अवध बिहारी से रिमांड के दौरान अजमेर में मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क के बारे में पूँछ-तांछ की जा रही है ,किन्तु वह यहाँ के किसी भी व्यक्ति की पहचान नहीं बता पा रहा है । अब तक की जांच से पता चला है कि मादक पदार्थ तस्कर कूरियर के द्वारा माल इधर-उधर कर रहे हैं । पिछले 15 दिनों में पकडे गए 2 मामलों में 10 लाख रूपये की चरस पकड़ी गयी है, इससे यह तो तय है कि,मादक पदार्थ तस्करों का अजमेर में ट्रांजिट पाइंट है।






