कहा, पद्मावत के खिलाफ जारी रहेगा प्रदर्शन
नई दिल्ली, 29 जनवरी। करणी सेना ने दोबारा कहा है कि वह 24 जनवरी को गुरुग्राम स्कूल बस हमले की घटना में शामिल नहीं थी। उसने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक पद्मावत पर प्रतिबंध नहीं लगेगा। करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह काल्वी ने कहा कि उनके पास सबूत हैं कि उनका कोई कार्यकर्ता गुरुग्राम में स्कूल बस और अहमदाबाद समेत देश के दूसरे हिस्सों में सिनेमाघरों पर हमलों का हिस्सा नहीं था।
उन्होंने कहा, सिनेमाघरों में तोड़फोड़ करने वाले और अहमदाबाद में मोटरसाइकिलों में आग लगाने वाले प्रदर्शनकारी मुझे नहीं जानते और न ही मैं उन्हें जानता हूं। लेकिन मीडिया कह रहा है कि यह सब करणी सेना और राजपूत संगठनों ने किया है। काल्वी ने दावा किया, गुरुग्राम में मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लोगों ने स्कूल बस पर हमला किया, जबकि वहीं हमारे लोगों ने पुलिस की मदद से बस को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
काल्वी ने कहा, हम केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) समेत किसी भी जांच एजेंसी से गुरुग्राम प्रकरण की जांच की मांग करते हैं। इन हमलों के पीछे कौन है, इसकी जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। ‘पद्मावत’ पर प्रतिबंध लगवाने में असफलता मिलने के लिए उन्होंने राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को दोषी ठहराया।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक ‘पद्मावत’ पर प्रतिबंध नहीं लग जाता। उनका मानना है कि भारतीय नागरिक होने के नाते उन्हें फिल्म का विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों से सभी संभावित तरीकों से फिल्म का विरोध करने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि उत्तर भारत में कुल 4,318 सिनेमा हॉलों में से मात्र 48 सिनेमा हॉलों में फिल्म चली है।







