- अनमीटर्ड किसानों की अधिक वसूली पर नियामक आयोग द्वारा गठित 4 सदस्यीय उच्च स्तरीय जाँच समिति ने सभी प्रबन्ध निदेशकों को दिया निर्देश 15 दिन में अधिक वसूल की गयी धनराशि उनके बिलों में समायोजित कर समिति के सामने पेश की जाये रिपोर्ट
- जाँच समिति द्वारा तलब किये गये फल्यू एण्ड ग्रिड बिलिंग एजेन्सी के प्रतिनिधियों से जाँच समिति ने किये तीखे सवाल उनकी रिपोर्ट में निकली अनेकों कमियाँ 7 दिन में सत्यापित रिपोर्ट के साथ बिलिंग एजेन्सियों के प्रतिनिधियों को 16 फरवरी को बैठक में उपस्थित होने का आदेश
- पावर कार्पोरेशन के अधीक्षण अभियन्ता आईटी एपी सिंह ने जाँच समिति के सामने उपस्थित होकर रखा अपना पक्ष जाँच समिति ने उनसे माँगे यूनिट का आदेश जारी करने वाला प्रपत्र
लखनऊ, 09 फरवरी। उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनमीटर्ड किसानों की बिलिंग में गलत तरीके से यूनिट के आधार पर अधिक वसूली के सम्बन्ध में बनायी गयी चार सदस्यीय उच्चस्तरीय जाँच समिति की आज चतुर्थ बैठक नियामक आयोग सभागार में सम्पन्न हुई जिसमें जाँच समिति के सदस्य डा. अमित भार्गव, निदेशक (टैरिफ), उप्र विद्युत नियामक आयोग, मध्यांचल विद्युत वितरण के निदेशक वाणिज्य शुभ चन्द्र झा, पावर कार्पोरेशन के मुख्य अभियन्ता आरएयू नीरज अग्रवाल व जाँच समिति में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से सामिल सदस्य उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा उपस्थित थे। जाँच समिति द्वारा फल्यू एण्ड ग्रिड बिलिंग एजेन्सी द्वारा सौंपी गयी रिपोर्ट में निकाली गयी अनकों कमियाँ और उसे बताया गलत। पुनः 7 दिन में रिपोर्ट तलब।
जाँच समिति द्वारा सभी प्रबन्ध निदेशकों को यह निर्देश दिये गये हैं कि उनके द्वारा जिन भी अनमीटर्ड किसानों के बिलों में 160 प्रति हार्स पावर प्रतिमाह की जगह 80 यूनिट प्रतिकिलोवाट के आधार पर कई गुना अधिक वसूली की गयी है। उनके बिलों को अविलम्ब संशोधित कराकर अधिक वसूल की गयी धनराशि को उपभोक्ताओं के आगामी बिलों में समायोजित कर 15 दिन में रिपोर्ट समिति के सामने प्रस्तुत की जाये।
गौरतलब है कि पूर्व में आयोग के सामने यह शिकायत प्राप्त हुई थी कि हजारों अनमीटर्ड किसानों जिनसे 5 हार्स पावर पर लगभग रू0 834 नियमानुसार वसूलना था उनसे यूनिट के आधार पर लगभग रू0 3097 वसूल लिया गया है। जाँच समिति द्वारा नारमेटिव बिलिंग के मामले में आयोग के आदेशों का सत् प्रतिशत पालन करने का निर्देश भी दिये गये। वर्तमान लागू नार्मेटिव व्यवस्था को बताया आयोग आदेश के विपरीत।
जाँच समिति द्वारा तृतीय बैठक में पावर कार्पोरेशन के अधीक्षण अभियन्ता, आरएपीडीआरपी पार्ट-ए एवं आईटी श्री एपी सिंह, जिन्हें व्यक्तिगत रूप से समिति के समाने उपस्थित होना था और साथ ही फल्यू एण्ड ग्रीड बिलिंग एजेन्सी के अधिकृत प्रतिनिधि जिन्हें भी उपस्थित होना था सभी जाँच समिति के सामने प्रातः 11 बजे उपस्थित हुये।
जाँच समिति द्वारा अधीक्षण अभियन्ता श्री एपी सिंह से बिलिंग विसंगतियों के बारे में जब सवाल जवाब किया गया तो उनके द्वारा यह कहा गया कि उनकी विंग द्वारा सम्बन्धित डिस्काॅम/वाणिज्य शाखा व समय-समय पर जिन ईकाईयों द्वारा बिलिंग साफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन हेतु अपेक्षा की जाती है उसे लागू कराया जाता है जिस पर जाँच समिति द्वारा उनसे यह कहा गया कि एलएमवी 5 यानी किसानों के अनमीटर्ड ट्यूबलों पर 80 यूनिट प्रति किलोवा प्रतिमाह किस आदेश के अनुसार फल्यू एण्ड ग्रिड के साफ्टवेयर में लागू कराया गया उसकी सत्यापित प्रति समिति के सामने प्रस्तुत करायी जाये। जिस पर उनके द्वारा अविलम्ब अभिलेख प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया गया।
समिति द्वारा फल्यू एण्ड ग्रिड बिलिंग एजेन्सी के प्रतिनिधियों द्वारा सौपें गये समस्त अभिलेख को जाँच समिति द्वारा जब अध्ययन किया गया तो उसमें अनेकों गलतियाँ व विसंगतियाँ पायी गयी जिसमें डाटा में मिसमैच था। जिस पर जाँच समिति द्वारा बिलिंग एजेन्सियों के प्रतिनिधियों से जब पुछ-ताछ की गयी तो उनके द्वारा अपनी गलती मानते हुये सत्यापित सही अभिलेख जाँच समिति के सामने सात दिन के अन्दर प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया गया।
जाँच समिति द्वारा अगली बैठक 16 फरवरी, 2018 को बुलायी गयी है जिसमें फल्यू एण्ड ग्रिड बिलिंग एजेन्सी के प्रतिनिधियों को सत्यापित अभिलेख लेकर उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।







