सीनियर सिटीजन्स संग आए परिवारवालों से थाल का कोई शुल्क नहीं लिया गया। यह आफर यहां हमेशा जारी रहेगा
लखनऊ 9 फरवरी 2018: स्वाद के दीवानों के लिए लजीज शाकाहारी राजस्थानी खानपान का नया ठौर शहर का आशियाना बन गया है। यहाँ दादा-दादी संग पूरे परिवार ने तरह-तरह के राजस्थानी पकवानों का स्वाद लिया। दरअसल वहां सीनियर सिटीजन्स संग आए परिवारवालों से थाल का कोई शुल्क नहीं लिया गया। यह आफर यहां हमेशा जारी रहेगा। शनिवार 10 फरवरी को वहां सीनियर सिटीजन्स के साथ आने वालों को फ्री थाल सर्व किया जाएगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि फिल्म अभिनेता डॉ.अनिल रस्तोगी रहे।

पारंपरिक कालबेलिया और घूमर के साथ मेहमान नवाजी:
गोमती नगर केन्द्र की अपार सफलता के बाद शुक्रवार को आशियाना में सेक्टर के, स्थित पॉवर हाउस के पास भवन संख्या 11 में इस नए रोमांचक केन्द्र की शुरुआत हुई। वहां पारंपरिक राजस्थानी परिवेश में लजीज थाल परोसा जा रहा है। राजस्थान के कालबेलिया और घूमर लोक नृत्य के कलाकार अतिथियों का स्वागत पारंरिक रूप से कर रहे हैं वहीं राजस्थानी पगड़ी और वेशभूषा में श्रीराजभोग केन्द्र के सेवक खाना सर्व कर रहे हैं। दीवारों को राजस्थानी कठपुतलियों से सजाया गया है। दीवारों पर लगी पेन्टिंग भी लोगों को राजस्थान में बैठ कर राजस्थानी खाने का स्वाद लेने का अनुभव करवायेगी। श्रीराजभोग के प्रबंध निदेशक सुदीप रस्तोगी ने बताया कि उनकी टीम में शामिल अक्रित रस्तोगी, अम्बर रस्तोगी, यश रस्तोगी ने ही राजस्थानी दावत में दादा-दादी संग तीन पीढ़ी का कॉन्सेप्ट साकार किया है।

दाल बाटी चूरमा से लेकर सेब की जलेबी तक:
राजस्थानी स्वाद के सफर में सबसे पहले तांबे की आकर्षक थाली में बाजरे की रबड़ी और राजस्थानी चाट छाछ के बाद सर्व की जाती है। उसके बाद राजस्थानी बेसन के गट्टे की सब्जी के बाद राजस्थानी दाल, राजस्थानी कढ़ी, दाल बाटी चूरमा, थाल का स्वाद दोगुना कर देती है। हर उम्र के लोग नर्म और गर्मा-गर्म बाजरा के फुल्कों और मसाला रोटी संग इसका भरपूर स्वाद ले रहे हैं। राजस्थानी पापड़ और तरह-तरह की चटनियों संग राजस्थानी सलाद भी सर्व की जा रही है। थाल में शुद्ध देसी घी और गुड़ भी रखा जाता है। मीठे में सेब की जलेबी और राजस्थानी लापसी, श्रीराजभोग केन्द्र में बार-बार आने का न्यौता देती हैं। राजस्थानी माउथफ्रेशनर के तो कहने ही क्या ?








