रविवार को संघर्ष समिति पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सौंपेगी आर्थिक मदद
- इलाहाबाद में दलित छात्र दिलीप सरोज की निर्मम हत्या पर आरक्षण समर्थकों में रोष।
- आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने पीड़ित परिवार को फौरी तौर पर रू. 55000 की आर्थिक मदद का किया ऐलान।
- संघर्ष समिति ने सरकार से दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग।
- आरक्षण समर्थकों ने पहले भी ‘‘बाबा साहब पे बैक टू सोसाइटी‘‘ के तहत दी है अनेकों बार दलित समाज को आर्थिक मदद।
लखनऊ, 14 फरवरी। विगत दिनों प्रतापगढ़ निवासी विधि छात्र दिलीप सरोज की इलाहाबाद में कुछ गुण्डा प्रवृत्ति के असामाजिक तत्वों द्वारा दिन दहाड़े निर्मम हत्या किये जाने पर प्रदेश के आरक्षण समर्थकों में भारी रोष है। उसी क्रम में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र संयोजक मण्डल द्वारा आज दिलीप सरोज को भाव भीनी श्रद्धांजलि देते हुए एक शोक सभा की गयी, तत्पश्चात् आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति द्वारा बाबा साहब पे बैक टू सोसाइटी के तहत स्व. दिलीप सरोज के परिवार को फौरी तौर पर रू. 55 हजार की आर्थिक मदद करने का निर्णय लिया गया। 12 सदस्यीय संयोजक मण्डल रविवार को प्रतापगढ़ जाकर दिलीप सरोज के परिवार को आर्थिक मदद करेगा। गौर तलब है कि आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति पूर्व में भी इस प्रकार की अनेकों मुद्दों पर समय-समय पर बाबा साहब पे बैक टू सोसाइटी के तहत आर्थिक मदद करती रही है।
शोक सभा के बाद आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति उप्र के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, अन्जनी कुमार, बनी सिंह, राधेश्याम ने कहा कि जिस प्रकार से इलाहाबाद में असामाजिक तत्वों द्वारा विधि छात्र दिलीप सरोज की निर्मम हत्या की गयी, अब पूरे दलित समाज के कार्मिक व समाज सेवियों सहित समाज के हर तबके का यह नैतिक कर्तव्य है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने में अपना योगदान दें। इस घटना ने पूरे देश व प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। संघर्ष समिति ने उप्र सरकार से यह मांग की है कि सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर पीड़ित परिवार को न्याय दे।
संघर्ष समिति ने आज यह भी ऐलान किया है कि इस प्रकार की दलित समाज से जुड़ी सभी घटनाओं पर संघर्ष समिति नजर रखेगी और बाबा साहब पे बैक टू सोसाइटी के तहत हर संभव मदद करने का प्रयास करेगी।






