नोटबंदी के बाद नगदी देकर खरीदे थे करोडों के गहने
नई दिल्ली, 21 फरवरी। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुआ महाघोटाला सामने आने के बाद अब आयकर विभाग के रडार पर वे लोग है जिन्होंने नोटबंदी के बाद नीरव मोदी से नगद देकर गहने खरीदे हैं। इनसे पूछताछ हो सकती है। आयकर विभाग की इस लिस्ट में 50 से ज्यादा लोग हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने नोटबंदी के दौरान नीरव मोदी से कैश देकर गहने खरीदे थे।
आजतक को आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया है कि इन लोगों में से ज्यादातर नाम कॉरपोरेट वर्ल्ड से हैं। इसके अलावा कई लोग राजनीति की दुनिया से भी हैं। आपको बता दें कि आयकर विभाग ने नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप में जनवरी 2017 में जांच और सर्वे करने के बाद बताया था कि यहां करीब 250 करोड़ रुपये का कैश ट्रांजैक्शन हुआ था। अभी तक इस रकम की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। अब आयकर विभाग इस दौरान नीरव मोदी या मेहुल चोकसी से गहने खरीदने वालों से पूछताछ कर सकता है।
सोमवार को आयकर विभाग के डायरेक्टर जनरल (मुंबई) एए शंकर ने दिल्ली में राजस्व सचिव हसमुख अधिया और सीबीडीटी चेयरपर्सन से मुलाकात की थी। इस दौरान आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई थी। उधर, इस घोटाले के आरोपी नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक को लोन का पैसा चुकाने से इनकार कर दिया है। नीरव मोदी की पीएनबी को लिखी एक चिट्ठी सामने आई है।
नीरव मोदी का कहना है कि मामले को सार्वजनिक कर पीएनबी ने लोन की रकम चुकाने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। नीरव का तर्क है कि इस वजह से उनके बिजनेस को काफी नुकसान हुआ है। नीरव मोदी ने कहा कि अब उनके लिए पैसा चुकाना संभव नहीं है। नीरव मोदी ने पीएनबी को लिखी इस चिट्ठी में कहा है कि उनके ऊपर बकाया रकम बढ़ाकर बताई गई है। चिट्ठी में ये भी लिखा गया है कि बकाया रकम 5000 करोड़ से कम है।






