तीन हजार छात्रों का रुक सकता है रिजल्ट
लखनऊ 09 मार्च-2018। इस बार यूपी बोर्ड में शामिल हुए करीब तीन हजार छात्रों को तगड़ा झटका लग सकता है। बोर्ड द्वारा इन छात्रों का रिजल्ट रोका जा सकता है। यूपी बोर्ड ने परीक्षाओं में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों द्वारा पंजीकृत छात्रों को चिन्हित कर लिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने ऐसे छात्रों की सूची बनाकर बोर्ड को भेज दी है। इसमें इन दाखिलों को फर्जी बताया गया है। ऐसे में इन छात्रों के परीक्षा परिणाम पर तलवार लटक गई है। बता दें बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के वक्त डीआईओएस ने कई ऐसे परीक्षार्थियों को चिन्हित किया था, जिनके दस्तावेजों में जन्मतिथि अलग-अलग मिली थी। इसके बाद यह आशंका जाहिर की गई कि अधिक उम्र के लोग अपनी कम उम्र करवाने के लिए फिर से परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को इस तरह का फर्जीवाड़ा करने वाले परीक्षार्थियों को चिन्हित कर सूची तैयार करने का आदेश दिया है। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे करीब तीन हजार परीक्षार्थी चिन्हित हुए हैं, जिनकी जन्मतिथियों में अंतर है। इसलिए इसकी विस्तृत रिपोर्ट बोर्ड को भेजी गई है। बता दें कि लखनऊ में दो हजार से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में छात्रों को दाखिला तो दिया जाता है, लेकिन मान्यता न होने की वजह से किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से इन छात्रों का पंजीकरण कराया जाता है। इन स्कूलों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा का खेल चलता है। इनमें वे छात्र भी होते हैं, जो अपनी उम्र कम करवाना चाहते हैं। डीआईओएस ने बताया कि उन स्कूलों पर भी शिकंजा कसा जाएगा, जहां ये परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इसमें अभी तक करीब सौ स्कूलों के नाम सामने आए हैं। इन सभी को नोटिस भेजा जाएगा। उसके बाद इन सभी के खिलाफ विभागीय के अलावा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







