नई दिल्ली, 14 मार्च। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने बाल पोर्नोग्राफी मामले की जांच के दायरे को बढ़ाते हुए अब दुनिया को उसमें शामिल कर लिया है। सीबीआई ने 40 देशों से बात करके एक व्हाट्स एफ ग्रुप में शामिल मोबाइल फोन मालिकों की जानकारी मांगी है। इसी ग्रुप पर कुछ तस्वीरें तथा वीडियो साझा किए गए थे। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने ने इंटरपोल के जरिए इन देशों के अधिकारियों से बात की है।
बाल पोर्नोग्राफी ग्रुप में 234 सदस्य थे जिसमें 66 भारतीय, 56 पाकिस्तानी, 29 अमेरिकी और बाकी के 37 अन्य देशों के लोग शामिल थे। उन्होंने कहा एजेंसी ने इन देशों को इंटरपोल के जरिए पत्र भेजा है। इनमें से कुछ ने उपयोगकर्ताओं से संबंधित जानकारी साझा की है। सीबीआई ने 22 फरवरी को व्हाट्स एप ग्रुप के जरिए संचालित एक अंतरराष्ट्रीय बाल पोर्नोग्राफी रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। उत्तर प्रदेश के कन्नौज से इसके कथिक मुख्य सदस्य निखिल वर्मा को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने वर्मा के अलावा उसके चार साथियों दिल्ली के नफीस रजा और जाहिद, मुंबई के सत्येंद्र ओम प्रकाश चौहान और नोएडा के आदर्श के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों से इस संबंध में पूछताछ की गई है।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान, एजेंसी ने पाया कि इस ग्रुप में 119 सदस्य थे जो ये आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो प्राप्त कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि भारत, पाकिस्तान और अमेरिका के अलावा इस ग्रुप के सदस्य चीन, न्यूजीलैंड, मैक्सिको, अफगानिस्तान, ब्राजील, केन्या, नाइजीरिया और श्रीलंका के थे। उन्होंने कहा कि छानबीन के दौरान, सीबीआई ने मोबाइल फोन, लैपटाप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए जिन्हें विश्लेषण के लिए तिरूवनंतपुरम की सरकारी प्रयोगशाला में भेजा गया है।







