लखनऊ, 18 मार्च। बेवजह संस्था द्वारा शनिवार को को भारतेंदु नाट्य अकादमी के थ्रस्ट प्रेक्षागृह में “ओथेलो सिंड्रोम“ नाटक का मंचन किया गया, यह एक हास्य नाटक था ।
ओथेलो सिंड्रोम एक मनोरोग है जिसमें पुरुष मानसिक विकार के कारण अपनी पत्नि या प्रेमिका पे शक़ करने लगता है, मूल नाटक रोहित वर्मा ने लिखा है और इसे अभिषेक तिवारी (BNA) ने निर्देशित किया है ।
गंभीर विषय पे गंभीरता से बात रखी जानी चाहिए पर हास्य बोध के साथ बात रखना दो धारी तलवार है जिसे निभाना मुश्किल है जिसे निर्देशक ने बेहद सहजता से किया, इसमें विषय की गंभीरता और रस दोनों को निभाया गया है।
यह नाटक आपको हंसायेगा गुदगुदायेगा और अपने भीतर बहुत कुछ सोचने पे मजबूर भी करेगा, बेवजह थिएटर ग्रुप का यह पहला हास्य नाटक है।
नाटक की मुख्य भूमिका में हैं जीवन सिंह रावत जो नाटक में एक डॉ की भूमिका में हैं उनकी पत्नी का अभिनय किया है मनीषा मेहरा ने तथा उनके दोस्त की भूमिका को मयंक श्रीवास्तव ने अदा किया।
वेटर की भूमिका में रोहित बाजपेयी ने की बार के दृश्य में वेटर और डॉ की बातचीत में दर्शकों ने बेहद पसंद किया।
नाटक की अवधि एक घंटा थी, इसमें संगीत संचालन : प्रदीप्त मणि तिवारी तथा प्रकाश निर्देशन : देवाशीष मिश्रा (BNA) ने किया।







