नई दिल्ली, 22 मार्च। सुप्रीम कोर्ट ने कहा ‘सूचना के अधिकार अधिनियम’ (आरटीआई) के तहत विभिन्न जानकारियां हासिल करने के लिए दिए जाने वाले आवेदनों पर अधिकतम 50 रुपए शुल्क लिया जा सकता है। इसके साथ ही फोटोकॉपी शुल्क पांच रुपये प्रति पेज होगा। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश उच्च न्यायालयों, विधानसभाओं और अन्य सरकारी और आरटीआई अधिनियम के दायरे में आने वाली सभी स्वायत्त संस्थाओं पर लागू होगा।
न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की पीठ विभिन्न उच्च न्यायालयों और छत्तीसगढ़ विधानसभा सहित अन्य प्राधिकरणों के आरटीआई नियमों को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया। इन सभी प्राधिकरणों ने आरटीआई आवेदन तथा फोटोकॉपी के लिए भारी-भरकम शुल्क लागू कर रखे हैं। एक गैर सरकारी संगठन ‘कॉमन कॉज’ ने न्यायालय में याचिका दायर की थी।
याचिका में लिखा आरटीआई आवेदन के लिए ज्यादा शुल्क लेकर जनता को इस सेवा के लिए हतोत्साहित किया जा रहा है, ताकि उन्हें जानकारी नहीं मिल सके। अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि सन 2011 में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने आरटीआई आवेदन का शुल्क बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया था। दिसंबर 2016 में इसे घटाकर 300 रुपए कर दिया। बता दें कि केंद्र सरकार के नियमानुसार आरटीआई आवेदन का शुल्क 10 रुपए है। दस्तावेजों की फोटोकॉपी का शुल्क दो रुपए है।







